Shree Kashtabhanjan Dev Hanuman Mandir:- कष्‍टभंजन हनुमान दिलाएंगे हर कष्‍ट से मुक्ति जानिए इसका मंत्र

Updated: 22/06/2023 at 5:25 PM
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Shree Kashtabhanjan Dev Hanuman Mandirहेनिका जीतेश टेलर – The Face Of Indiaकष्‍टभंजन हनुमान दिलाएंगे हर कष्‍ट से मुक्ति जानिए इस मंत्र गुजरात के भावनगर के सारंगपुर में विराजने वाले कष्‍टभंजन हनुमान यहां महाराजाधिराज के नाम से राज करते हैं l वे सोने के सिंहासन पर विराजकर अपने भक्‍तों की हर मुराद पूरी करते हैंl कहते हैं कि बजरंगबली के इस दर पर आकर भक्‍तों का हर दुख और सुख उनकी हर तकलीफ का इलाज हो जाता हैl फिर चाहे बात बुरी नजर की हो या शनि के प्रकोप से मुक्ति की हो सब चीज का हल बता देते है lहनुमान ने अपने बाल रूप में ही सूर्यदेव को निगल ले लिया था l उन्‍होंने राक्षसों का वध किया और लक्ष्मण के प्राणदाता भी बन गए थे l बजरंग बली ने समय-समय पर देवताओं को अनेक संकटों से बाहर निकाला l पवनपुत्र आज भी अपने इस धाम में भक्‍तों के कष्‍ट हर लेते हैं, इसलिए उन्‍हें कष्‍टभंजन हनुमान कहा जाता हैl हनुमान के इस दर पर आते ही हर कष्ट दूर हो जाता हैl यहां आकर हर मनोकामना पूरी होती हैlविशाल और भव्‍य किले की तरह बने एक भवन के बीचों-बीच कष्‍टभंजन का अतिसुंदर और चमत्‍कारी मंदिर बनाया गया है lकेसरीनंदन के भव्‍य मंदिरों में से एक कष्‍टभंजन हनुमान मंदिर भी हैl गुजरात में अहमदाबाद से भावनगर की ओर जाते हुए करीब 175 किलोमीटर की दूरी पर कष्‍टभंजन हनुमान का यह दिव्‍य धाम है lकिसी राज दरबार की तरह सजे इस सुंदर मंदिर के विशाल और भव्य मंडप के बीच 45 किलो सोना और 95 किलो चांदी से बने  एक सुंदर सिंहासन पर हनुमान विराजते बैठे है lउनके शीश पर हीरे जवाहरात का मुकुट है और पास ही एक सोने की गदा भी रखी हुई है lसंकटमोचन के चारों ओर प्रिय वानरों की सेना दिखती है और उनके पैरों शनिदेवजी महाराज हैं, जो संकटमोचन के इस रूप को खास बना देते हैंlकष्‍टभंजन हनुमान बजरंग बली के इस रूप में भक्तों की अटूट आस्था है और वे यहां दूर-दूर से खिंचे चले आते हैंlमान्यता है कि पवनपुत्र का स्वर्ण आभूषणों से लदा हुआ ऐसा भव्य और दुर्लभ रूप कहीं और देखने को नहीं मिलेगा lहनुमत लला की ये प्रतिमा अत्यंत प्राचीन है, तो इस रूप में अंजनिपुत्र की शक्ति सबसे निराली दिखाई दिए हीl

दो बार है आरती का विधान

कष्टभजंन हनुमान के इस मंदिर में दो बार आरती का विधान है, पहली आरती सुबह 5.30 बजे होती है और आरती से पहले पवनपुत्र का रात्रि श्रृंगार उतारा जाता है फिर नए वस्त्र पहनाकर स्वर्ण आभूषणों से उनका भव्य श्रृंगार किया जाता है और इसके बाद वेद मंत्रों और हनुमान चालीसा के पाठ के बीच संपन्न होती है हनुमान लला की यह आरती का संक्रमण होता है lबजरंग बली के इस मंदिर में वैसे तो रोजाना ही भक्तों का तांता लगा रहता है lलेकिन मंगलवार और शनिवार को यहां लाखों भक्त आते हैंl और शामिल होते है lनारियल, पुष्प और मिठाई का प्रसाद केसरीनंदन को भेंट कर प्रार्थना करते है lकुछ भक्त तो मात्र शनि प्रकोपों से मुक्ति के लिए यहां आते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि वो तो शनिदेव से डरते हैं लेकिन शनि देव अगर किसी से डरते हैं तो वे हैं स्वयं संकटमोचन हनुमान l

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कष्टभजंन हनुमान की मंगलवार और शनिवार को विशेष आराधना होती हैl भक्त अपने कष्टों और बुरी नजर के दोषों को दूर करने की कामना लेकर यहां आते हैं और मंदिर के पुजारी से बजरंग बली की पूजा करवाकर कष्टों से मुक्ति पाते हैंl और यह लोगो की मुक्ति भी पूरी हो जाती है l यह पे हनुमान का इतना सत है l
First Published on: 07/04/2022 at 8:54 AM
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