Dr. C.V. Raman Biography in Hindi : विज्ञान के जादूगर जिन्होंने दुनिया को बताया कि आसमान नीला क्यों है?

Updated: 18/01/2026 at 4:08 PM
Dr. C.V. Raman Biography

Dr. C.V. Raman Biography : क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम समुद्र को देखते हैं या आसमान की तरफ नजर उठाते हैं, तो वो नीला क्यों दिखाई देता है? हम में से ज्यादातर लोग इसे बस एक कुदरती नज़ारा मानकर छोड़ देते हैं, लेकिन भारत में एक ऐसा जिज्ञासु वैज्ञानिक हुआ, जिसके दिमाग में इस सवाल ने हलचल मचा दी। उस वैज्ञानिक का नाम था— Dr. C.V. Raman.


​आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे Dr. CV Raman ka jeevan parichay, उनकी संघर्ष की कहानी, और उस महान खोज के बारे में जिसने भारत को विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया के नक्शे पर चमका दिया। अगर आप स्टूडेंट हैं और CV Raman biography in Hindi language ढूंढ रहे हैं, या फिर CV Raman kon the यह जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। ​यहाँ हम उनके जन्म से लेकर, Raman effect kya hai, और उन्हें Bharat Ratna और Nobel Prize मिलने तक का पूरा सफर तय करेंगे। तो चलिए, विज्ञान के इस सफर पर चलते हैं।

शुरुआती जीवन और परिवार (CV Raman Family Background & Early Life)

​सबसे पहले बात करते हैं कि CV Raman ka janm kab hua tha? सर चंद्रशेखर वेंकट रमन (C.V. Raman) का जन्म 7 नवंबर 1888 को ब्रिटिश भारत के मद्रास प्रेसीडेंसी (अब तमिलनाडु) के तिरुचिरापल्ली (Tiruchirappalli) में हुआ था।


​उनका परिवार एक साधारण लेकिन शिक्षित ब्राह्मण परिवार था। उनके पिता, चंद्रशेखर अय्यर, गणित और भौतिकी (Maths and Physics) के लेक्चरर थे। जाहिर है, घर में पढ़ाई-लिखाई का माहौल बचपन से ही था। यही वजह है कि रमन का दिमाग बचपन से ही रॉकेट की तरह चलता था।

​शिक्षा (CV Raman Education)

​आपको जानकर हैरानी होगी कि रमन पढ़ाई में इतने होशियार थे कि उन्होंने सिर्फ 11 साल की उम्र में अपनी मैट्रिक की परीक्षा पास कर ली थी। 13 साल की उम्र में उन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा स्कॉलरशिप के साथ पास की।


​उन्होंने मद्रास के प्रेसिडेंसी कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन (M.Sc) पूरी की। फिजिक्स के प्रति उनका प्रेम इतना गहरा था कि कॉलेज के दिनों में ही उनके रिसर्च पेपर अंतरराष्ट्रीय साइंस मैगजीन्स में छपने लगे थे।

करियर: एक सरकारी अफसर जो वैज्ञानिक बनना चाहता था

​आजकल हम देखते हैं कि लोग पैशन को फॉलो करने की बात करते हैं, लेकिन सी.वी. रमन ने यह 100 साल पहले किया था। उस समय विज्ञान में करियर बनाना आसान नहीं था, इसलिए पारिवारिक दबाव और उस समय की जरूरत के हिसाब से उन्होंने सरकारी नौकरी के लिए एग्जाम दिया।


​उन्होंने ‘वित्तीय सिविल सेवा’ (Financial Civil Service) की परीक्षा दी और पूरे भारत में Top किया। इसके बाद वे कोलकाता (तब कलकत्ता) में असिस्टेंट अकाउंटेंट जनरल बन गए।


​सोचिए, एक ऐसा आदमी जो दिन भर फाइलों और पैसों का हिसाब-किताब रखता था, वो शाम होते ही अपनी सरकारी नौकरी से भागकर Indian Association for the Cultivation of Science (IACS) की लैब में पहुंच जाता था। वहां वे रात-रात भर रिसर्च करते थे। यह उनका जुनून ही था जो उन्हें एक साधारण सरकारी बाबू से दुनिया का महान वैज्ञानिक बनाने वाला था।

वह सवाल जिसने इतिहास बदल दिया: Why is the sky blue CV Raman?

​साल 1921 की बात है। डॉ. रमन एक जहाज से लंदन से भारत वापस आ रहे थे। वे डेक पर खड़े होकर समुद्र को देख रहे थे। उस समय वैज्ञानिकों का मानना था कि समुद्र का नीला रंग आसमान के रिफ्लेक्शन (परछाई) की वजह से होता है।


​लेकिन रमन को यह जवाब पचा नहीं। उन्होंने जेब से अपना एक छोटा सा प्रिज्म (Prism) निकाला और समुद्र को देखा। उन्हें समझ आ गया कि यह सिर्फ परछाई नहीं है। उन्होंने सोचा, “आखिर पानी के मॉलिक्यूल्स सूरज की रोशनी के साथ ऐसा क्या करते हैं कि वो नीले दिखते हैं?”


​यहीं से शुरुआत हुई उनकी सबसे बड़ी खोज की। यह सवाल “Why is the sky blue CV Raman” अक्सर गूगल पर सर्च किया जाता है, और इसका जवाब उनकी ‘Scattering of Light’ (प्रकाश का प्रकीर्णन) की थ्योरी में छिपा था। उन्होंने दुनिया को समझाया कि जब सूरज की रोशनी वातावरण के कणों से टकराती है, तो वह बिखर जाती है, और नीला रंग सबसे ज्यादा बिखरता है, इसलिए आसमान और समुद्र नीले दिखते हैं।


रमन प्रभाव क्या है? (What is Raman Effect explanation)

​अब आते हैं उस टॉपिक पर जो साइंस के स्टूडेंट्स के लिए सबसे जरूरी है—Raman effect kya hai और CV Raman contribution to physics क्या है?


जब प्रकाश की किरण (Light beam) किसी पारदर्शी पदार्थ (जैसे पानी, कांच या हवा) से गुजरती है, तो उस प्रकाश का कुछ हिस्सा बिखर (scatter) जाता है। रमन ने देखा कि बिखरने के बाद प्रकाश की ‘वेवलेंथ’ (Wavelength) और ‘रंग’ बदल जाता है।


​इसे ऐसे समझें—मान लीजिए आपने एक बॉल दीवार पर फेंकी, और वो जिस स्पीड से गई थी, उससे अलग स्पीड से वापस आई। प्रकाश के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है जब वह अणुओं (Molecules) से टकराता है। ऊर्जा में आए इस बदलाव को ही ‘रमन प्रभाव’ (Raman Effect) कहा जाता है।

​Difference between Raman scattering and Rayleigh scattering

​अक्सर लोग कंफ्यूज होते हैं। ‘रेले स्कैटरिंग’ (Rayleigh scattering) में प्रकाश बिखरता तो है लेकिन उसकी ऊर्जा (Energy) नहीं बदलती। जबकि ‘रमन स्कैटरिंग’ में प्रकाश की ऊर्जा बदल जाती है। यही वो खोज थी जिसने फिजिक्स की दुनिया को हिला कर रख दिया।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस और नोबेल पुरस्कार (National Science Day & Nobel Prize)

​यह खोज 28 फरवरी 1928 को पूरी हुई थी। यह दिन भारत के इतिहास के लिए इतना बड़ा था कि आज भी हम इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं।

Why is National Science Day celebrated on 28th February?

​बहुत से लोग पूछते हैं कि National science day kyu manaya jata hai? इसका जवाब यही है—क्योंकि इसी दिन रमन इफेक्ट की खोज हुई थी। यह दिन हमें याद दिलाता है कि संसाधनों की कमी के बावजूद, अगर जिज्ञासा हो, तो विज्ञान में कुछ भी संभव है। रमन ने बहुत ही सस्ते उपकरणों (सिर्फ 200 रुपये के इक्विपमेंट!) का इस्तेमाल करके यह खोज की थी।

Nobel Prize & Confidence

​रमन को अपनी खोज पर इतना भरोसा था कि 1930 में नोबेल पुरस्कार की घोषणा होने से पहले ही उन्होंने स्वीडन जाने का टिकट बुक करवा लिया था! और वही हुआ—1930 में उन्हें फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार मिला।

यह एक ऐतिहासिक पल था क्योंकि वह “First Asian to win Nobel Prize in Science” (विज्ञान में नोबेल जीतने वाले पहले एशियाई और अश्वेत व्यक्ति) बने। सोचिए, उस समय जब भारत गुलाम था, एक भारतीय ने पूरी दुनिया को विज्ञान सिखाया था।

भारत रत्न और अन्य सम्मान (Bharat Ratna CV Raman Story)

​आजादी के बाद, भारत सरकार ने उनके योगदान को सराहा।

  • ​सी वी रमन को भारत रत्न कब मिला? साल 1954 में।
  • ​वे भारत रत्न पाने वाले पहले तीन भारतीयों में से एक थे (उनके साथ सी. राजगोपालाचारी और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भी यह सम्मान मिला था)।

​उन्हें ‘लेनिन शांति पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया था। लेकिन रमन के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार विज्ञान ही था।

सी वी रमन के अनमोल विचार (Quotes by CV Raman on science)

​डॉ. रमन सिर्फ एक वैज्ञानिक नहीं, बल्कि एक दार्शनिक भी थे। उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। यहाँ कुछ Quotes by CV Raman on science दिए गए हैं जिन्हें आप अपने प्रोजेक्ट्स या सोशल मीडिया पर इस्तेमाल कर सकते हैं:


  • ​”सही सवाल पूछना और प्रकृति के दरवाजों को खटखटाना ही आधुनिक विज्ञान की असली भावना है।”
  • ​”मैं अपनी असफलता का मालिक हूँ… अगर मैं कभी फेल नहीं होता, तो मैं कभी कुछ नया नहीं सीख पाता।”
  • ​”कांच के टुकड़े और लकड़ी के टुकड़ों से बनाए गए उपकरणों ने अक्सर महान खोजें की हैं, जबकि सजे-धजे प्रयोगशालाओं में संगमरमर और पीतल के बीच अक्सर कुछ नहीं मिलता।”

छात्रों के लिए प्रोजेक्ट आइडिया (Projects & Images)

​अगर आप स्कूल प्रोजेक्ट बना रहे हैं और CV Raman images for project या CV Raman drawing easy आइडियाज ढूंढ रहे हैं, तो यहाँ कुछ सुझाव हैं:

  • ​Light Scattering Model: एक कांच के गिलास में पानी और थोड़ा सा दूध मिलाएं। अंधेरे कमरे में लेजर लाइट (Laser light) उस पर डालें। आपको लाइट का रास्ता साफ दिखाई देगा। यह रमन इफेक्ट/स्कैटरिंग को समझाने का सबसे आसान तरीका है।
  • ​Poster Making: डॉ. रमन की फोटो के साथ 28 फरवरी (Science Day) का पोस्टर बनाएं और उस पर उनका कोट लिखें।

अंतिम समय और विरासत (CV Raman Death & Legacy)

​डॉ. रमन ने अपनी पूरी जिंदगी विज्ञान को समर्पित कर दी। उन्होंने बैंगलोर में ‘रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट’ की स्थापना की। अपने जीवन के आखिरी दिनों तक वे यहीं काम करते रहे।

​CV Raman ki death kab hui?

21 नवंबर 1970 को 82 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। कहा जाता है कि अपनी मृत्यु से कुछ समय पहले उन्होंने अपने छात्रों से कहा था, “अकादमिक रूप से मरने की अनुमति मत दो, यानी रिसर्च और पढ़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए।”

निष्कर्ष (Conclusion)

​डॉ. सी.वी. रमन का जीवन हमें सिखाता है कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता के आड़े नहीं आती। उन्होंने एक साधारण नाव यात्रा के दौरान समुद्र के रंग को देखकर दुनिया की सबसे बड़ी खोज कर डाली।


​चाहे आप Bharat ratna cv raman story पढ़ें या Raman effect kya hai को समझने की कोशिश करें, हर जगह एक ही बात साबित होती है—जिज्ञासा (Curiosity)।

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FAQ

CV Raman kon the? (Who is Dr. CV Raman)

Ans: डॉ. सी.वी. रमन एक महान भारतीय भौतिक विज्ञानी (Physicist) थे, जिन्हें प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering of Light) पर उनके काम के लिए नोबेल पुरस्कार मिला।

​CV Raman ka avishkar (Invention) क्या था?

Ans: उनका सबसे बड़ा आविष्कार या खोज ‘रमन प्रभाव’ (Raman Effect) थी, जो बताता है कि प्रकाश की प्रकृति कैसे बदलती है जब वह किसी माध्यम से गुजरता है।

CV Raman date of birth and death क्या है?

Ans:

​जन्म: 7 नवंबर 1888

​मृत्यु: 21 नवंबर 1970

​सी वी रमन पर निबंध (Essay on C.V. Raman) कैसे लिखें?

Ans: निबंध लिखने के लिए आप इस आर्टिकल के हेडलाइन्स का उपयोग कर सकते हैं: परिचय -> शिक्षा -> रमन प्रभाव की खोज -> नोबेल पुरस्कार -> विज्ञान दिवस -> निष्कर्ष।

​CV Raman biography in Hindi language short में बताएं?

Ans: सी.वी. रमन भारत के एक महान वैज्ञानिक थे। उन्होंने 1928 में रमन प्रभाव की खोज की। इसके लिए 1930 में उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला। वे भारत रत्न (1954) से भी सम्मानित थे। 28 फरवरी को उनकी खोज की याद में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।

First Published on: 17/01/2026 at 4:34 PM
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