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अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी ने ‘प्लांट्स ऑफ टुमॉरो’ कार्यक्रम के साथ देश के सीमेंट सेक्टर में इंडस्ट्री 4.0 को किया लॉन्च

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संवाददाता (दिल्ली)- होल्सिम समूह की भारतीय कंपनियों – अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड- ने अपने ‘प्लांट्स ऑफ टुमॉरो’ कार्यक्रम के तहत इंडस्ट्री 4.0 में और निवेश करके भारतीय सीमेंट क्षेत्र में अपने नेतृत्व को मजबूत करने की उम्मीद जताई है। यह परिवर्तनकारी कार्यक्रम मूल कंपनी होल्सिम की स्ट्रेटेजी 2022 – ‘बिल्डिंग फॉर ग्रोथ’ का हिस्सा है, जिसे जुलाई 2019 में वैश्विक स्तर पर लॉन्च किया गया था। इस प्रोग्राम का उद्देश्य बेहतर संयंत्र अनुकूलन, उच्च संयंत्र उपलब्धता और सुरक्षित कार्य वातावरण के माध्यम से सीमेंट निर्माण को पहले से अधिक कुशल बनाना है।

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होल्सिम द्वारा लागू किए जाने वाले चार वर्षीय कार्यक्रम के तहत 50 से अधिक देशों में 270 से अधिक एकीकृत सीमेंट संयंत्रों और ग्राइंडिंग स्टेशनों का वैश्विक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसी क्रम में सीमेंट उत्पादन की सारी प्रक्रिया में आटोमेशन टैक्नोलाजी को अपनाते हुए रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, प्रीडिक्टिव मेंटीनेंस और डिजिटल ट्विन टैक्नोलाजी को लागू किया जाएगा। ‘प्लांट्स ऑफ टुमॉरो’ पहल भारत में सीमेंट निर्माण को पूरी तरह बदल देगी। इसे स्विट्जरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और रूस में होल्सिम के अन्य प्रमुख बाजारों में भी एक साथ लागू किया गया है।

होल्सिम के सीईओ इंडिया और अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नीरज अखौरी ने कहा, ‘उद्योग में अग्रणी होने के नाते हम ‘प्लांट्स ऑफ टुमॉरो’ को एक बड़े अवसर और जिम्मेदारी के रूप में देख रहे हैं ताकि भारत को वैश्विक सीमेंट निर्माण के मानचित्र पर आगे रखा जा सके। यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट न केवल परिचालन और वित्तीय लाभ के मामले में परिवर्तनकारी परिणाम देगा, बल्कि देश में सीमेंट निर्माण को पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ भी बनाएगा और हमारे सभी संयंत्रों में हमारे सहयोगियों के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार करेगा।’’

कंपनी ने कहा कि ‘प्लांट्स ऑफ टुमॉरो’ सर्टिफाइड ऑपरेशन एक पारंपरिक सीमेंट प्लांट की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत अधिक परिचालन क्षमता का वादा करता है।

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‘प्लांट्स ऑफ टुमॉरो’ का एक और इनिशिएटिव है- पीएसीटी – परफाॅर्मेंस एंड कोलाबाॅरेशन टूल – जो साप्ताहिक संचालन, मासिक प्रदर्शन, परियोजनाओं और कार्यों के बारे में डेटा के आधार पर परिचालन निर्णयों को प्रभावी ढंग से केंद्रित करता है। पीएसीटी के व्यावसायिक लाभ बहुत अधिक हैं – इससे समय की बहुत अधिक बचत होती है क्योंकि निर्णय जल्दी किए जाते हैं और डेटा पारदर्शिता के साथ, लक्ष्य लगातार प्राप्त किए जाते हैं। इस तरह पीएसीटी ऐसा एक और कदम है जो डिजिटल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।’’

दोनों कंपनियों ने प्लांट एफिशिएंसी और अपटाइम बढ़ाने के लिए पहले से ही डिस्ट्रीब्यूटेड कंट्रोल सिस्टम (डीसीएस), टूल लोकेशन सिस्टम (टीएलएस) और सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (एससीएडीए) जैसे टूल्स को लागू किया है। कंपनियों ने प्रॉजेक्ट ईडीजीई के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का लाभ उठाकर मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) को भी पेश किया है, ताकि प्रेडिक्टिव मॉडल्स की तेजी से तैनाती और प्लांट डेटा स्रोतों के साथ सहज कनेक्टिविटी की सुविधा मिल सके।

लगभग एक साल पहले लॉन्च किया गया, एक और इनोवेशन – स्मार्ट ग्लास टेक्नोलॉजी का उपयोग करने वाला रिमोट ट्रबलशूटिंग टूल साइट इंजीनियरों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। यह दोतरफा उपकरण प्लांट्स को समय पर और विशेषज्ञ सहायता सुनिश्चित करता है, खासकर इस महामारी के दौरान जहां इस उपकरण को वरदान माना गया है।

‘प्लांट्स ऑफ टुमॉरो’ कार्यक्रम में कई पहल शामिल हैं, जो प्रीडिक्टिव क्वालिटी (सीमंेट फाइननैस, सीमेंट क्वालिटी) और प्रीडिक्टिव मेंटिनेंस (वीआरएम फेल्योर, रिफ्रेक्टरी लाइफ) की ओर ले जाती हैं और प्रति टन सीमेंट की ऊर्जा खपत को अनुकूलित करने और लागत बचत को सक्षम करने में भी मदद करती हैं।

डिजिटल आई एक अन्य तकनीक है जिसका उपयोग दोनों कंपनियों द्वारा प्रभावी ढंग से संचालित करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए ड्रोन और वीडियो एनालिटिक्स का उपयोग करके कारखाने और संयंत्र संचालन की डिजिटल निगरानी करने के लिए किया जाता है।

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