लाइव ब्रेकिंग न्यूज़: 

Neemuch news  ग्राम पंचायत दारू में टीकाकरण को लेकर युवाओं में दिखा उत्साह 110 लोगो ने लगवाया टीका   |  Neemuch news  ग्राम पंचायत दारू में टीकाकरण को लेकर युवाओं में दिखा उत्साह 110 लोगो ने लगवाया टीका   |  पुलिस ने दो शातिर चोरों को चोरी के सामान के साथ किया गिरफ्तार   |  पुलिस ने दो शातिर चोरों को चोरी के सामान के साथ किया गिरफ्तार   |  के.एल. डीम्ड यूनिवर्सिटी के उद्यमी छात्रों ने वायरलेस चार्जिंग वाली अपनी तरह की पहली ई-बाइक तैयार की   |  बुक माय शो ने सामुदायिक टीकाकरण अभियान के पहले चरण के तहत भारत में 1,45,000 लोगों तक पहुंचाई वैक्सीन   |  महिला ऐच्छिक ब्यूरो द्वारा 1 जोड़े को मिलाया गया   |  महिला ऐच्छिक ब्यूरो द्वारा 1 जोड़े को मिलाया गया   |  अभियोग अज्ञात अभियुक्त के विरूद्ध पंजीकृत कर विवेचना की जा रही है   |  अभियोग अज्ञात अभियुक्त के विरूद्ध पंजीकृत कर विवेचना की जा रही है
Thursday, June 24, 2021
HomeBusinessदिल्ली INDCON 2020 – 2021 में इस बात पर बल दिया गया...

दिल्ली INDCON 2020 – 2021 में इस बात पर बल दिया गया कि, कैसे R&D भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनेगी

Category:

लेटेस्ट न्यूज़:

विज्ञापन

दिल्ली INDCON 2020 – 2021 में इस बात पर बल दिया गया कि, कैसे R&D भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनेगी

संवाददाता (दिल्ली) – भारतीय अर्थव्यवस्था आज भी विकासशील अवस्था में है, जिसके सामने कई तरह के मुद्दे एवं चुनौतियां मौजूद हैं, और इन सभी से निपटने के लिए हमें समाधान की दिशा में आगे बढ़ने वाले नजरिए के साथ एक मजबूत नींव की जरूरत है। इसी एजेंडे के साथ, MIT-वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे ने IMC चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ की नॉलेज कमेटी के साथ मिलकर दिल्ली में INDCON 2020-2021 का आयोजन किया। इस वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बार को उजागर किया गया कि, किस प्रकार भारतीय शैक्षणिक संस्थान R&D (अनुसंधान एवं विकास) की ओर सभी का ध्यान आकृष्ट कर सकते हैं, तथा इसकी अहमियत के प्रति जागरूकता फैला सकते हैं। इस मंच ने विश्वविद्यालयों में R&D (अनुसंधान एवं विकास) प्रतिष्ठानों के माध्यम से वैल्यू चेंज की जरूरत की ओर ध्यान आकृष्ट कराया।
तीन दिनों तक चलने वाले सत्रों के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जो 26 नवंबर से 28 नवंबर तक जारी रहा। इस वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के बीस हजार से अधिक छात्रों, उद्योग जगत की जानी-मानी हस्तियों, विद्वानों, शिक्षाविदों तथा कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और अपनी उपस्थिति दर्ज की। INDCON 2020-2021 में आठ महीनों तक कॉन्क्लेव की एक सीरीज़ का आयोजन किया जाएगा जिसमें बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद, गुवाहाटी, इंदौर और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहर शामिल होंगे।
इस अवसर पर शैलेश श्रीवास्तव, सचिव – डीपीई, भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्रालय, भारत सरकार, ने कहा कि, “बड़े पैमाने पर उत्पादन या बड़े स्तर पर उत्पादन के साथ-साथ अपने देश में अनुसंधान, डिजाइन और इंजीनियरिंग गतिविधियों में सुधार करके मूल्य का सृजन संभव हो पाएगा। इसके लिए सरकार, उद्योग जगत और अकादमियों को साथ मिलकर काम करना चाहिए।”

एक सत्र के दौरान श्री निखिल मल्होत्रा, चीफ इनोवेशन ऑफिसर, टेक महिंद्रा, ने कहा, “भारत को इस सिंड्रोम से बाहर आने की जरूरत है कि, अगर कोई सिद्धांत पश्चिमी देशों में विकसित हुआ है तो उससे हमारी समस्याओं का भी समाधान संभव है।”

- Advertisement -

इस अवसर पर एक वक्ता के रूप में शामिल श्री तिलक सेठ, एग्जीक्यूटिव वाइस-प्रेसिडेंट, सिमेन्स लिमिटेड, ने कहा, “हमें इस सवाल का जवाब अवश्य ढूंढना होगा कि, भारतीय अपने देश में R&D (अनुसंधान एवं विकास) की तुलना में दुनिया भर में R&D में अधिक योगदान क्यों दे रहे हैं।”

इस अवसर पर श्री प्रवीण वी. पाटिल, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, CIAP, MIT-वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, ने कहा, “INDCON 2020-2021 के माध्यम से, हम छात्रों तथा उद्योग जगत के दिग्गजों के लिए एक साझा मंच बनाना चाहते हैं, जो छात्रों के संरक्षक के रूप में कार्य करेंगे तथा उद्योग जगत की मांगों और अवसरों के संदर्भ में उनका मार्गदर्शन करेंगे। आज नौकरियों के लिए कुशल लोगों की मांग काफी अधिक है, और इसके लिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे देश के युवाओं के पास आवश्यक कौशल है और वे अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं। हमारा लक्ष्य छात्रों और उद्योग जगत के दिग्गजों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है, क्योंकि इससे नए रास्ते खुलेंगे साथ ही हमें उद्योग जगत के लिए आवश्यक कौशल से लैस कर्मचारियों को तैयार करने में भी मदद मिलेगी।”
इस कार्यक्रम में श्रीमती रूपम झा, कंसल्टेंट कॉरपोरेट रिलेशंस, आईआईटी दिल्ली; डॉ. गीतांजलि बत्रा, एसोसिएट प्रोफेसर, ABVSME, जेएनयू; श्री प्रवीण पाटिल (सीईओ, सेंटर फॉर इंडस्ट्री एकेडमिया पार्टनरशिप, MIT- WPU); डॉ. निरंजन हीरानंदानी, सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक, हीरानंदानी ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़; श्री समर्थ पटवर्धन, प्रमुख, सेंटर फ़ॉर सब्सिया इंजीनियरिंग एवं रिसर्च प्रोफेसर, स्कूल ऑफ़ पेट्रोलियम इंजीनियरिंग; श्री संजीव एस. अहलूवालिया, एडवाइजर, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन, के साथ-साथ उद्योग जगत के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने अनुसंधान एवं विकास में शैक्षिक संस्थानों की भूमिका तथा भारत में अनुसंधान एवं विकास में नवाचारों की संभावनाओं पर चर्चा की।

ट्रेंडिंग न्यूज़:

यह भी देखे:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here