राज्य चुने

HomeBusinessकेआईई टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने शुरू किया पांच दिवसीय संकाय विकास...

केआईई टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने शुरू किया पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम

Category:

लेटेस्ट न्यूज़:

विज्ञापन

केआईई टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने शुरू किया पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम

- Advertisement -

प्रतिभागियों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स और रोबोटिक्स का व्यापक ज्ञान प्रदान करेगा

संवाददाता (दिल्ली): के आई ई टी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद में 21 जून 2021 से 25 जून 2021 तक पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (ऍफ़डीपी ) शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग (अटल) अकादमी द्वारा प्रायोजित है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय प्रतिभागियों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स और रोबोटिक्स का व्यापक ज्ञान प्रदान करेगा।
इस संकाय विकास कार्यक्रम का शीर्षक “IoT और रोबोटिक्स” है।उद्योगों के विभिन्न तकनीकी विशेषज्ञ और पूरे भारत के आई आई टी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसर इस एफडीपी में अलग-अलग सत्र लेंगे। पूरे भारत से 200 से अधिक प्रतिभागी इस विकास कार्यक्रम का हिस्सा हैं जो की भारत के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, दिल्ली एनसीआर, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, केरल, उत्तराखंड, असम, बिहार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से हैं।
यह संकाय विकास कार्यक्रम मानव मानव जाति के तकनीकी प्रगति के विकास के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और रोबोटिक्स के अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करेगा। कार्यक्रम कीशुरु आतमाननीय निदेशक डॉ. अमिक के. गर्ग के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने दर्शकों को प्रौद्योगिकी के इस नए युग के लिए उद्योगों की आवश्यकता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि IoT एक ऐसी तकनीक है जिसे किसी भी तकनीक के साथ अभ्यास के लिए समायोजित किया जा सकता है जो अपने स्वयं के संचालन पर उपयोगी जानकारी प्रदानक रसकती है। रोबोटिक्स के सहयोग से IoT किसी भी व्यवसाय या उद्योग में सुधार कर सकता है| यह ऐसे स्थान जहाँ पर्यावरणीय विषमताएं हैं उन्हें दूर सेनिगरानी और प्रबंधित करने की क्षमता रखता है। इस अवसर पर डॉ. मनोज गोयल (संयुक्त निदेशक, केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस) उपस्थित थे। उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि रोबोटिक्स के साथ आई ओ टी भारत के प्रत्येक नागरिक की जीवनशैली में सुधार के लिए यह एक उत्तमप्रौद्योगिकी है |
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजय कुमार शर्मा (हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट, ई सी ई और डीन आर एंड डी) और डॉ विभवसचान (एडिशनल हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट और एडिशनल डीन आर एंड डी) ने की थी। डॉ. सी के द्विवेदी (वरिष्ठ वैज्ञानिक एन ए एस आई, सी एस टी-यू पी के सदस्य), डॉ उमेश घणेकर (प्रोफेसर, एन आई टी कुरुक्षेत्र), डॉ सुदीप रोहिला (उद्योगपति, शोधकर्ता, सी ई ओ एम बी एस इंडिया), डॉ अभिषेक तोमर (प्रोफेसर, जी बी पंत विश्वविद्यालय, पंतनगर), डॉ रितेश व्यास (वरिष्ठ शोधकर्ता, लैंकेस्टर विश्वविद्यालय, यूके), डॉ हेमंत चौहान (वैज्ञानिक आई आई टी दिल्ली), डॉ वंदना व्यास (प्रोफेसर, आई जी डी टी यूड ब्ल्यू, नई दिल्ली), डॉ रंजीत नायर (प्रोफेसर) , IIIT पुणे) और कई अन्य वैज्ञानिक और उद्योगपति इस ऍफ़ डी पी के विशिष्ट अतिथि और मुख्यवक्ता हैं।
एफ डी पी में प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और उद्योगों के प्रोफेसरों एवं विशेषज्ञों की 14 वार्ता एं होंगी | डॉ. विभव कुमार सचान इस एफ डी पी के प्रमुख समन्वयक हैं। इसमे गाइवेंट की आयोजन समिति के सदस्यों में डॉ रुचिता गौतम, डॉ परवीन कुमार कौशिक, डॉ शुभम शुक्ला, श्री सचिन त्यागी, श्री मोहित त्यागी और सुश्री वैशाली किकन हैं।

ट्रेंडिंग न्यूज़:

हमारे साथ जुड़े:

500FansLike
0FollowersFollow
500SubscribersSubscribe

यह भी देखे:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here