Let's know which are the 10 tourist places in Uttar Pradesh
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में धार्मिक एतिहासिक
प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह राज्य पर्यटकों के लिए समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलता है । यहां पर खाने से लेकर इतिहास और की बाते दुनिया भर में मशहूर है। यहां पर सात अजूबों में एक ताजमहल भी मशहूर है। उत्तर प्रदेश में एक ऐसा राज्य है जहां भगवान राम और कृष्ण का जन्म हुआ था। यही कारण है उत्तर प्रदेश के साथ विदेशी पर्यटकों के लिए भी यह स्थल बहुत ही लोकप्रिय है। अगर आप भी पर्यटन जाने के बारे में सोच रहे हो तो आइए आप के लिए खास रहेंगे ये शहर :
बनारस:
विश्व में प्राचीन शहरों में बनारस भी शामिल है। बनारस को काशी के नाम से जाना जाना है। काशी में भगवान शिव जी की पवित्र भूमि है। यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दुनिया के लिए बेहतरीन वस्त्र उद्योग में से एक है। बनारस की साड़िया, चाट ,पान और विश्व नाथ का मंदिर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बनारस में गंगा नदी लोगों को अपनी और आकर्षित करती है। हर साल यहां पर बड़ी संख्या में देश विदेश के पर्यटक घूमने के लिए आते है।
प्रयागराज
प्रयागराज में त्रिवेदी संगम और कुंभ के मेले के लिए विश्व प्रसिद्ध है कुंभ के मेले में लाखो पर्यटक स्नान के लिए आते है। प्रयागराज भारत का प्रमुख स्थल है। प्रयागराज में पर्यटन लोग गंगा जमुना और सरस्वती जैसी पवित्र नदियों का संगम देखने के लिए आते है । प्रयागराज में मौजूद अखबर की किला को देखने के लिए पर्यटन आते है प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल में शामिल है।
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विंध्याचल
विंध्याचल उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित है।उत्तर प्रदेश में विंध्याचल शहर धार्मिक स्थल से बहुत ही महत्वपूर्ण प्रसिद्ध है । इस प्रसिद्ध शहर में मां विंध्यवासिनी देवी का मंदिर है। को हिंदुओ के लिए बहुत प्रमुख तीर्थ स्थल है। गंगा के किनारे स्थित यह मंदिर बहुत ही पुराना है। इस प्राचीन मंदिर का हिन्दू धर्म के पुराणों में से मिलता है। विंध्याचल उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल में से गिना जाता है। विंध्याचल मंदिर ,विंध्यवासिनी मंदिर, अष्टभुजा देवी मंदिर, कालीखोह मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। नवरात्री के समय यहां पर भक्तो की भारी भीड़ लगती है। विंध्याचल के पास कई सारे स्थान है जैसे कि सीता कुंड, नारद घाट, गेरुला तालाब, मोतिया तालाब, लाल भैरव और काल भैरव मंदिर है। विंध्याचल बनारस से 70 किलो मीटर से और प्रयागराज से 85 किलोमीटर की दूरी पर है।
वृंदावन
उत्तर प्रदेश में मौजूद मथुरा-वृंदावन हिन्दू धर्म के लिए प्रमुख स्थल है। यहां पर भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। यहां पर भगवान श्री कृष्ण के बचपन के लिलाओ का स्थान माना जाता है।मथुरा-वृंदावन यहीं जगह है जहां पर भगवान श्री कृष्ण और राधा की जुड़े प्रमाण देखने को मिलता है। यहां पर हमें प्रेम मंदिर, निधिवन,द्वारकाधीश मंदिर, रंगजी मंदिर, श्री कृष्ण जन्म स्थल जैस कई जगह घूमने के लिए बहुत ही अच्छा है । यह विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह ब्रजभूमि एक धार्मिक केंद्र है। जहां राधा कृष्ण की प्रेम कहानी और गोपियों के साथ इनकी लिलाओ से जुड़े कई मंदिर और स्थान है । वृंदावन को ब्रज का हदय कहा जाता है। और यह भगवान श्री कृष्ण जी के प्रमुख तीर्थ स्थल है। वृंदावन मथुरा से लगभग 15 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
अयोध्या
अयोध्या को एतिहासिक रूप से साकेत के नाम से जाना जाता था। उत्तर प्रदेश के सरयू नदी के तट पर स्थित अयोध्या शहर है। अयोध्या में भगवान श्री राम जन्म हुआ था । यह एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। अयोध्या बाबरी मस्जिद के कारण जाना जाता है।जिसे 1992 में ध्वस्त कर दिया गया था. 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया था की इस भूमि का उपयोग राम मंदिर के लिए किया जायेगा। और राम मंदिर का अभिषेक 2024 में हुआ था। अयोध्या प्राचीन कोसल साम्राज्य की राजधानी हुआ करती है। अयोध्या की मुख्य भाषा अवधि है भगवान श्री राम की जन्मभूमि के रूप में मान्यता के कारण, अयोध्या (अवधपुरी) को हिंदुओं के लिए सात सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों है। मोक्षदायिनी सप्त पुरियों में से एक माना जाता है। राम मंदिर एक आंशिक रूप से निर्मित मंदिर है। अयोध्या में राम मंदिर में दर्शन करने के लिए सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है।
ताज महल
ताज महल भारतीय शहर आगरा के यमुना नदी के दक्षिण तट पर स्थित है ताज महल आगरा में शानदार सफेद संगमरमर से प्रसिद्ध है। जिसे सम्राट शाहजहां ने अपनी प्रमिका के लिए बनवाया था। ताजमहल 1653 में तैयार हुआ था। जिसमे एक मज्जिद गेस्ट हाउस शामिल है। मकबरे का निर्माण अनिवार्य रूप से 1643 में किया गया था। लेकिन मकबरे का काम 10 वर्ष जारी रहा।
झांसी
झांसी शहर पहुंच और बेतवा नदी के किनारे पर स्थित है। झांसी वीरता, साहस और आत्म सम्मान का प्रतिक है। यूपी का झांसी भारत के आजादी की लड़ाई में अपनी भूमिका के लिए जाना जाता है खासकर 1857 के खिलाफ के दौरान रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी बहादुरी के लिए पहाड़ी पर स्थित झांसी का किला प्रदर्शित करते हुए एक प्रमुख आकर्षण है। झांसी पर चंदेल राजाओं का शासन था। झांसी के किले का निर्माण राजा वीर सिंह देव ने करवाया था। झांसी प्राचीन काल में छेदी राष्ट्र जेजक भुकिट, झझोती और बुंदेलखंड क्षेत्र में से एक था ।
सारनाथ
बनारस के पास सारनाथ बौद्ध तीर्थ महत्वपूर्ण स्थल है। अपनी खूबसूरत नक्काशी के लिए फेमस ऐतिहासिक घटना का प्रतिक है। जहां बौद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना उपदेश दिया था। सारनाथ गंगा और वरुण नदियों के संगम के पास है। सारनाथ ने हिरण पार्क है जहा पर गौतम बुद्ध ने धर्म पढ़ाया था। सारनाथ बनारस से 13 किलोमीटर दूरी पर है।
लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपने समृद्ध संस्कृति , इतिहास के लिए जानी जाती है। लखनऊ
बारा इंटरनेशनल और रूमी दरवाजा मुगल युग के स्थलों के लिए प्रसिद्ध है । यह अपने अवधि क्लासिकल विशेषकर कबाब और बिरयानी के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ शहर आश्चर्यजनक वास्तुकला का प्रदर्शन करता है।
मथुरा
उत्तर प्रदेश में मथुरा में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। इसके कारण यह जगह पर्यटकों के लिए प्रमुख तीर्थ स्थल है। उनके जन्म की चिहित करने वाला भगवान श्री कृष्ण का जन्म भूमि बनवाया था जिसके कारण लोग रोजाना भक्त दर्शन करने के लिए आते है। मथुरा में कई सारे धार्मिक स्थल है जैस की केशव देव मंदिर , श्री कृष्ण जन्म भूमि अन्य सारे मंदिर शामिल है। मथुरा के पास वृंदावन और गोवर्धन जैस अन्य धार्मिक शहर है। मथुरा एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जहां धार्मिक, संस्कृति पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। मथुरा को मधुपुर या मधुदावन का नगर भी कहा जाता है। मथुरा का इतिहास 2500 साल पुराना है और इनका उल्लेख रामायण और महाभारत में भी होता है। मथुरा में कंस किला, विश्राम घाट और यमुना नदी के किनारे कई सारे घाट है। मथुरा से जुड़ा शहर वृंदावन है। मथुरा में पेड़ पौधे बहुत ही प्रसिद्ध है।