राष्ट्रीय

80वें स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के पहले प्रधानमंत्री को भी दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर लाल क़िले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का भी ज़िक्र किया। यह लगातार 13वां मौक़ा था जब पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िले से राष्ट्र को संबोधित किया।

भाषण में क्या कहा गया

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू समेत कई स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनिर्माताओं का ज़िक्र किया। यह उल्लेख उस व्यापक हिस्से का भाग था, जिसमें पीएम ने आज़ादी की लड़ाई में योगदान देने वाली शख्सियतों को याद किया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िले से देश को संबोधित करने की परंपरा 1947 से चली आ रही है, जब आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री के तौर पर नेहरू ने इसकी शुरुआत की थी। नेहरू ने 1947 से 1963 के बीच लगातार 17 बार स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन दिया था यह रिकॉर्ड आज तक किसी और प्रधानमंत्री ने नहीं तोड़ा है। भाषण की अवधि के लिहाज़ से नेहरू और इंदिरा गांधी के नाम सबसे छोटे, महज़ 14 मिनट के संबोधन का रिकॉर्ड भी दर्ज है।

इस लिहाज़ से देखें तो पीएम मोदी का भाषण में नेहरू का ज़िक्र इस परंपरा की निरंतरता और उसकी नींव रखने वाले नेता को याद करने के तौर पर देखा जा रहा है।

इस साल का आयोजन खास क्यों

80वां स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में खास रहा:

  • इतिहास में पहली बार लाल क़िले पर औपचारिक रूप से वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी हुई।
  • इस साल वंदे मातरम् के भी 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
  • पीएम का इस बार का भाषण क़रीब 75-78 मिनट लंबा रहा, जो पिछले साल के 103 मिनट के उनके सबसे लंबे भाषण से छोटा है।

भाषण में नेहरू के ज़िक्र के अलावा प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत, युवाओं के लिए AI स्किल ट्रेनिंग, सुधारों और परमाणु ऊर्जा जैसे विषयों पर भी विस्तार से बात की।

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