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Amit Shah On CAA: लोकसभा चुनाव से पहले लागू होगा CAA, अमित शाह का बड़ा दावा

Amit Shah On CAA: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने CAA को लेकर बड़ा ऐलान किया है. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चुनाव से पहले ही पूरे देश में CAA लागू किया जाएगा. गृह मंत्री ने कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि CAA किसी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनेगा. उन्होंने विपक्ष पर खास तौर पर कांग्रेस पर मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा चुनाव से पहले ही CAA को लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा. दिसंबर महीने में बंगाल दौरे के दौरान ही शाह ने दावा किया था कि CAA को लागू करने से कोई रोक नहीं सकता है.

आखिर CAA है क्या?

CAA (Citizenship Amendment Act) यानी नागरिकता संशोधन कानून के तहत तीन पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश, और अफगानिस्तान से पहले आए हुए छह अल्पसंख्यकों (हिंदू, ईसाई,सिख, जैन, बौद्ध) जो लंबे समय से भारत में सरण लिए हुए है उन अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का रास्ता खोलता है. CAA मे इन तीन देशों से आए लोगों को कोई दस्तावेज देने की भी जरूरत नहीं है. इस कानून में किसी भी भारतीय, चाहे वह किसी भी मजहब का हो, उसकी नागरिकता छीनने का कोई प्रावधान नहीं है. 

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CAA भारतीय नागरिकता को छीनने के लिए नहीं है

Amit Shah On CAA: नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पर, अमित शाह ने कहा कि 2019 में लागू कानून, इस संबंध में नियम जारी करने के बाद लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया जाएगा. अमित शाह ने कहा, “हमारे मुस्लिम भाइयों को CAA के खिलाफ़ गुमराह किया जा रहा है और भड़काया जा रहा है. CAA केवल उन लोगों को नागरिकता देने के लिए है जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न का सामना करने के बाद भारत आए हैं. भारत में रह रहे किसी भी भारतीय की नागरिकता छीनने के लिए नहीं है.”

कांग्रेस ने वादा किया था – अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह कांग्रेस का वादा है. “जब देश का विभाजन हुआ था और वहां पर अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जा रहा था तो उस दौरान सभी अल्पसंख्यक भारत में भाग कर आना चाहते थे, तब कांग्रेस ने कहा था आप यहां आइए, आपको यहां पर नागरिकता दी जाएगी।”

नागरिक संशोधन अधिनियम कानून (CAA) भाजपा सरकार ने पाकिस्तान, बंगलादेश, अफगानिस्तान से आए हुए अल्पसंख्यक समुदाय के लोगो को भारतीय नागरिक्ता देने के लिए 2019 मे ही लाया था पर इसके भारी विरोध के बाद सरकार ने इसे बाद में लागू करने के लिए छोड़ दिया.

TFOI Web Team

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