Updated: 21/03/2025 at 7:48 PM

नई दिल्ली: दिल्ली के हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर में आग लग गई थी। इससे बाद पुलिस ने फायर ब्रिगेड वालो को तुरंत सूचना पहुंचाए। आग बुझाने के बाद पुलिस वाले घर के अंदर गए। वहा पर कैश का बड़ा खुलासा हुआ जिसके कारण न्यायपालिका में हलचल मच गई। CJI संजीव खन्ना के नेतृत्व वाले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने न्यायाधीश का दूसरे हाईकोर्ट में भेजने का फैसला सुनाया। बताया जा रहा था की जिस समय जज यशवंत वर्मा के घर में आग लगी थी। उस समय वह शहर में नही थे। उनके परिवार लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड वालो को बुलाया था। आग बुझाने के बाद अधिकारियों ने उनके एक कमरे में भारी मात्रा में कैश मिले।
नई दिल्ली हाइकोर्ट का ट्रांसफर: भारी मात्रा में कैश मिलने के बाद पुलिसकर्मी ने यह बात उच्च अधिकारियों को तुरंत बताया। जिसके कारण CJI ने इस मामले को बड़ी गंभीरता से लिया और कॉलेजियम को बैठक बुलाई गई । इसके बाद कॉलेजियम ने यशवंत वर्मा को तुरंत ट्रांसफर करने का फैसला सुनाया। यशवंत वर्मा को मूल इलहाबाद हाइकोर्ट में भेज दिया गया। दरअसल यशवंत वर्मा अक्टूबर 2021को इलाहबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाइकोर्ट आए थे।
इन हाउस की जांच
इस मामले को देखकर कुछ जजों का मानना है कि सिर्फ तबादला करने के बाद न्यायपालिका का छवि खराब हो जाएगी। लोगो का विश्वास न्यायपालिका से उठ जाएगा। इसीलिए उन्हें इस्तीफा लेना चाहिए। अगर वह इनकार करेंगे तो उन पर इन हाउस की जांच शुरु की जाएगी।
जांच शुरु करने की प्रक्रिया: कई सारे जज इस मामले की तहत तक पहुंचने की मांग कर रहे है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 1999 की प्रक्रिया के मुताबिक जांच की जाएगी । इस प्रक्रिया की न्यायालय के जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार, गलत काम या अनुचित व्यवहार के आरोपों का निपटाया जाता है।
दिल्ली के हाईकोर्ट के जज के बगलें में लगी आग जिसके कारण हुआ बड़ा खुलासा।
SC और HC के जज पैनल में होते हैं
इस प्रक्रिया के मुताबिक CJI को जवाब से संतुष्ट नहीं होते है। तो इन हाउस की पैनल स्थापित कर सकते है। इस पैनल में SC और HC मुख्य रूप से दोनो शामिल होते है।
नई दिल्ली हाइकोर्ट का ट्रांसफर: भारी मात्रा में कैश मिलने के बाद पुलिसकर्मी ने यह बात उच्च अधिकारियों को तुरंत बताया। जिसके कारण CJI ने इस मामले को बड़ी गंभीरता से लिया और कॉलेजियम को बैठक बुलाई गई । इसके बाद कॉलेजियम ने यशवंत वर्मा को तुरंत ट्रांसफर करने का फैसला सुनाया। यशवंत वर्मा को मूल इलहाबाद हाइकोर्ट में भेज दिया गया। दरअसल यशवंत वर्मा अक्टूबर 2021को इलाहबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाइकोर्ट आए थे।
इन हाउस की जांच
इस मामले को देखकर कुछ जजों का मानना है कि सिर्फ तबादला करने के बाद न्यायपालिका का छवि खराब हो जाएगी। लोगो का विश्वास न्यायपालिका से उठ जाएगा। इसीलिए उन्हें इस्तीफा लेना चाहिए। अगर वह इनकार करेंगे तो उन पर इन हाउस की जांच शुरु की जाएगी।
जांच शुरु करने की प्रक्रिया: कई सारे जज इस मामले की तहत तक पहुंचने की मांग कर रहे है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 1999 की प्रक्रिया के मुताबिक जांच की जाएगी । इस प्रक्रिया की न्यायालय के जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार, गलत काम या अनुचित व्यवहार के आरोपों का निपटाया जाता है।
दिल्ली के हाईकोर्ट के जज के बगलें में लगी आग जिसके कारण हुआ बड़ा खुलासा।
SC और HC के जज पैनल में होते हैं
इस प्रक्रिया के मुताबिक CJI को जवाब से संतुष्ट नहीं होते है। तो इन हाउस की पैनल स्थापित कर सकते है। इस पैनल में SC और HC मुख्य रूप से दोनो शामिल होते है।
First Published on: 21/03/2025 at 6:09 PM
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