
Lok Sabha Election Date
Lok Sabha Election Date: 2024 लोकसभा के चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. लोकसभा के 543 सीटों के लिए सात चरणों में मतदान होगा. मतदान की शुरुआत 19 अप्रैल से शुरू होगी और उसके नतीजे 4 जून को आएंगे. चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. देशभर में 7 चरणों में वोटिंग होगी. मुख्य चुनाव आय़ुक्त ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि देश में 1.82 करोड़ युवा वोटर्स हैं, जो कि इस बार अपना पहला मतदान करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि 18 से 29 साल के उम्र के साढ़े 21 लाख वोटर हैं. साथ ही उन्होने कहा कि हम मतदाता सूची बनाने और उसमे सुधार की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों का सहयोग लेते हैं. ड्राफ्ट रोल को दिखाकर, राय लेकर हमने सबसे सॉलिड मतदाता की सूची तैयार की है.
Lok Sabha Election Date: देश भर में नेता से लेकर आम आदमी तक को लोक सभा चुनाव के तारीखों का इंतजार था. लम्बे इंतज़ार के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोक सभा के इलेक्शन की तारीखों का ऐलान कर दिया है. आगामी लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होगा. जबकि उसकी काउंटिंग 4 जून को होगी. चुनाव का पहला चरण 19 अप्रैल को, दूसरा 26 अप्रैल, तीसरा चरण 7 मई को, चौथा चरण 13 मई को, पांचवां 20 मई, छठा चरण 25 मई को और सातंवा यानि आखिरी चरण 1 जून को होगा. मुख्य चुनाव आयुक्त के राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव के लिए हमारी टीम पुरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा चुनाव में करीब 97 करोड़ वोटर्स मतदान करेंगे. 10.5 लाख के करीब पोलिंग स्टेशन होंगे, जबकि 55 लाख तक EVM का इस्तेमाल किया जाएगा.
Lok Sabha Election Date: चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा हिमालय से समुद्र तक और रेगिस्तान से बारिश वाले पूर्वोत्तर तक की बूथों पर एक जैसी सुविधाएं होगी. देश के 85 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वोटर के लिए या दिव्यांग वोटर के लिए घर फॉर्म भिजवाएंगे, ताकि वो आसानी से घर से वोट डाल सकें. अगर वो बूथ पर आएंगे तो उनको आयोग वोलेंटियर सहयोग करेंगे.
चुनाव आयोग ने कहा- एक बार फिर से सभी भारतीय मिलकर अपनी इच्छा जाहिर करेंगे. ये एक ऐतिहासिक मौका है. दुनिया के सबसे बड़े और सबसे जीवंत लोकतंत्र के रूप में हमारे देश भारत पर सभी का ध्यान केंद्रित रहता है. चुनाव में देश के सभी हिस्से शामिल होते हैं. चुनाव का पर्व-देश का गर्व.
देश के 12 राज्यों में 1 हजार से ऊपर जेंडर रेशयो है. देश में महिला वोटर्स की संख्या पुरुषों से किही ज्यादा है. अकड़ो के अनुसार 1.89 करोड़ नए वोटर्स में से करीब 85 लाख सर्फ महिलाएं हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि जिस किसी की भी उम्र 1 जनवरी 2024 को 18 साल नहीं हुई थी, हमने उसका भी नाम एडवांस लिस्ट में लिया. 13.4 लाख के करीब एडवांस एप्लीकेशन हमारे पास आई है. क़रीब देश भर में 5 लाख से ज्यादा लोग 1 अप्रैल से पहले ही वोटर बन जाएंगे.
चुनाव आयोग ने कहा अभी जो इलेक्ट्रल साइकिल है, उसमें क्या-क्या तैयारी की है, वो अपको बताना चाहते हैं. देश में 96.8 करोड़ इलेक्टर्स हैं. क़रीब 49.7 करोड़ मेल, और 47 करोड़ के करीब फीमेल हैं. इसी मे 1.82 करोड़ फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं. 18-29 साल के 19.74 करोड़ वोटर्स हैं.
ये सभी वोटर्स अपना भविष्य खुद ही तय करेंगे. देश भर में अकडो के मुताबिक 88.4 लाख लोग दिव्यांग वोटर हैं और वो वोट डालेंगे. 82 लाख लोग 85 साल से ऊपर के हैं. करीब 2.18 लाख 100 साल से ज्यादा उम्र के हैं. वही देश में 48 हजार ट्रांसजेंडर्स वोटर हैं.
लोकसभा चुनाव होने में अब सिर्फ कुछ समय ही रह गया है. इस बार देश में 18वीं लोकसभा चुनाव होने वाली है. सभी पार्टियां उन राज्यों में अपने उम्मीदवार के नाम देती हैं जहां लोकसभा की सीटें होती है. देश की जनता अपने वोट के द्वारा उम्मीदवारों को चुनकर लोकसभा का सांसद (MP) बनाती हैं. किसी भी पार्टी या गठबंधन को सत्ता में आने के लिए कम से कम 272 लोकसभा सदस्यों के समर्थन की अवश्यकता होती हैं. जो भी पार्टी लोक सभा चुनाव में 272 सीटों से ज्यादा सीटें लाती हैं वही अपनी सरकार केन्द्र में बनाती हैं. अगर गठबंधन की सरकार चुनाव जीतती है तो अधिकतर जिस पार्टी के पास अधिक लोक सभा की सीटें होती हैं, उसी पार्टी के नेता के प्रधानमंत्री बनने के अधिक आसार होते है.
भारत देश में वर्तमान समय में अधिकतम 552 सीटें हैं और निर्वाचित सीटें 543 हैं. सीटों पर जो चुनाव लड़कर जीत हासिल करता है उन्हें सांसद कहते हैं. राज्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए लोकसभा में 530 सदस्य और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधित्व के लिए 20 सदस्य शामिल किए जाते हैं.
लोकसभा चुनाव से पहले स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए और राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों को रोकने के लिए निर्वाचन आयोग आचार संहिता ज़ारी करता है. ’आदर्श आचार संहिता’ उसी दिन से लागू की जाती है जिस दिन चुनाव की तारीख की घोषणा होती हैं. चुनाव परिणाम के निकलने तक की तारीख तक अचार संहिता लागू रहती है. चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद देश भर में आचार संहिता लागू होती हैं. लोकसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता देश में जबकि विधानसभा चुनावों के दौरान आचार संहिता पूरे राज्य में लागू होती हैं. अचार संहिता लागू होने के बाद पार्टियों को चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना पड़ता हैं
आचार संहिता चुनावो को लेकर कुछ विशेषताएं निर्धारित करती हैं जैसे कि राजनीतिक दलों, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और सत्ताधारी दलों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान कैसा व्यवहार करना चाहिए। चुनाव के समय चुनाव प्रक्रिया, रैली, बैठकें आयोजित करने, शोभायात्रा, मतदान दिन की गतिविधियों और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हों जाए ये सब आचार संहिता के तहत होता है.
नेता या मंत्री अपने आधिकारिक दौरे को चुनाव प्रचार से संबंधी कार्यों के साथ नहीं मिलाएंगे. उसके साथ ही चुनाव प्रचार संबंधी कार्यों के दौरान किसी भी सरकारी तंत्र या कार्मिकों का प्रयोग नहीं करेंगे.
कोई भी सरकारी वाहन, विमान, इत्यादि किसी दल या उम्मीदवार के हितों के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा.
वर्तमान में लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़ने वाले 6 राष्ट्रीय दल पार्टियां मौजूद हैं. इनमें सबसे लोकप्रिय भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस (Congress), बहुजन समाज पार्टी (BSP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM), नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) और आम आदमी पार्टी (AAP) जैसी पार्टियां शामिल है. इन सभी पार्टियों में बीजेपी और कांग्रेस लोक सभा चुनाव में प्रचलित पार्टियां हैं.