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PM Modi speech 2026:”अब भारत अपने बारे में सोचेगा” मोदी के भाषण का वो हिस्सा जो अमेरिका के लिए मैसेज बन गया

देश ने 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया और लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13वीं बार देश को संबोधित किया। इस बार उनके भाषण में आत्मनिर्भरता, तकनीक और वैश्विक हालात को लेकर कई बड़े संकेत छिपे नजर आए, जिन्हें अमेरिका जैसे देशों के लिए परोक्ष जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

पीएम मोदी ने भाषण में कहा कि एक दौर था जब वे आत्मनिर्भर भारत की बात करते थे, तो कुछ लोग एसी कमरों में बैठकर सवाल उठाते थे कि ग्लोबलाइजेशन का क्या होगा। लेकिन आज हालात बदल चुके हैं और बीते एक दशक में दुनिया खुद ही ग्लोबलाइजेशन की बात करना जैसे भूल गई है। उनका इशारा साफ था कि अब हर देश अपने हितों को प्राथमिकता दे रहा है, और भारत भी अपने संसाधनों तथा बाजार को लेकर उसी सोच के साथ आगे बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कई देश आज अपने संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने के एक हथियार की तरह कर रहे हैं, चाहे वह पेट्रोल-डीजल हो या अन्य जरूरी संसाधन। बिना किसी देश का सीधा नाम लिए यह टिप्पणी अमेरिका की हालिया व्यापार और टैरिफ नीतियों के संदर्भ में देखी जा रही है, जिसने भारत समेत कई देशों पर दबाव बनाने की कोशिश की है।

इसी क्रम में पीएम ने सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण को लेकर भारत की रणनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आज की डिजिटल दुनिया में हर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चिप पर निर्भर है, इसलिए भारत ने आत्मनिर्भर बनने के लिए अपने सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने शुरू कर दिए हैं। तीन प्लांट पहले ही शुरू हो चुके हैं और आने वाले सात-आठ वर्षों में और प्लांट स्थापित किए जाएंगे।

युवाओं को लेकर भी बड़ा ऐलान हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि आने वाले समय की तकनीकी जरूरतों के लिए देश तैयार रहे। साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग जैसी सुविधाएं शुरू करने की बात भी कही गई।

कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह भाषण सिर्फ विकास की बात नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार और शक्ति संतुलन में भारत की नई भूमिका तय करने की दिशा में एक स्पष्ट संकेत था।

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