
Windfall Tax में कटौती: पेट्रोल हुआ टैक्स-फ्री, डीजल-ATF भी सस्ता, पूरी डिटेल यहां
15 अगस्त 2026: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्र सरकार ने तेल क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में भारी कटौती की है। यह नई दरें शनिवार से ही प्रभावी हो गई हैं।
सरकारी आदेश के मुताबिक, डीजल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी को घटाकर ₹24 प्रति लीटर कर दिया गया है, जो पहले ₹25.5 प्रति लीटर थी, वहीं पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया गया है और ATF पर टैक्स घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर किया गया हैयानी पेट्रोल के निर्यात पर अब सरकार कोई विंडफॉल टैक्स नहीं वसूलेगी।
गौरतलब है किभारत हर पखवाड़े कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर इन निर्यात शुल्कों की समीक्षा करता हैऔर गिरते कच्चे तेल के दामों को देखते हुए ही यह कटौती की गई है।
भारत ने सबसे पहले जुलाई 2022 में तेल कंपनियों के असाधारण मुनाफे पर लगाम कसने के लिए विंडफॉल टैक्स लागू किया था और दो साल बाद इसे हटा भी दिया गया था। लेकिन मार्च 2026 में अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने के बाद इसे दोबारा लागू किया गया। तब से लेकर अब तक सरकार हालात के हिसाब से इसमें बदलाव करती आ रही है।
यहां एक जरूरी बात समझनी होगी — विंडफॉल टैक्स सीधे तौर पर पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क है, न कि घरेलू बिक्री पर। इसलिए इस कटौती से देश के भीतर बिकने वाले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तुरंत कोई सीधा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। शहर-दर-शहर पेट्रोल-डीजल के दाम स्थानीय टैक्स और VAT के हिसाब से अलग-अलग बने रहेंगे।
हालांकि, इस कदम का सीधा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी रिफाइनिंग कंपनियों को होगा, जो पेट्रोल, डीजल और ATF का बड़े पैमाने पर निर्यात करती हैं। टैक्स घटने से इन कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा और निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है।