विक्रम सम्वत 2076 कैसा होगा -डॉ. सुरेश मिश्रा

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Publish Date:06-04-2019 01:35:02pm (IST)

विक्रम सम्वत 2076 कैसा होगा कॉस्मिक एस्ट्रो पिपली(कुरुक्षेत्र) के डायरेक्टर व श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा ने श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली में भक्तों को बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नव वर्ष का प्रारंभ होता है। इस बार ये 6 अप्रैल 2019 शनिवार से होगा। इस संवत्सर का नाम परिधावी है। इस दिन रेवती नक्षत्र रहेगी। जिस दिन से संवत्सर की शुरुआत होती है, वह दिन या दिनाधिपति उस वर्ष का राजा होता है। शनिवार नाम से इस सम्वत के राजा शनि व मंत्री सूर्य है। डॉ.सुरेश मिश्रा ने बताया, ये हिंदू नव वर्ष मिश्रित फल देने वाला होगा। राजनीतिक परिवर्तन होंगे। भूमि, भवन संपत्ति के मान से सकारात्मक परिवर्तन दिखेंगे। सामाजिक दृष्टिकोण से मूल्यों के स्तर पर गिरावट दिखाई देगी। बारिश का प्रभाव मध्यम रहेगा। खेती अनुपातिक ही होगी। पड़ोसी राष्ट्रों के मध्य अस्थिरता से परेशानी आएगी। ये होगा ग्रहों का इस साल पर असर राजा शनि- जनमानस आध्यात्म की अनुभूति करेगा। बारिश के नजरिए से प्राकृतिक प्रभाव परेशानी उत्पन्न करेगा। मंत्री सूर्य- पूर्वोत्तर में उत्तम कृषि तथा धान्य की स्थिति में सुधार होगा। फलों का अधिक उत्पादन होने से रस पदार्थों में मंदी रहेगी। सदयेश मंगल- पशुधन पर संकट रहेगा। संक्रमण का प्रभाव बढ़ेगा। दक्षिण के कुछ प्रांतों में पेयजल संकट होगा। सामाजिक अस्थिरता, हिंसात्मक घटनाएं होंगी। धान्येश चंद्र- बारिश में आध्यात्मिक अनुष्ठान से स्थिति अच्छी होगी। पशुधन की सुरक्षा का का लाभ मिलेगा। रसेस गुरु- श्रावण व भादौ में जल की स्थिति अच्छी रहेगी। जल स्रोत लबालब रहेंगे। औषधियों का उत्पादन बढ़ेगा। रेवती नक्षत्र से प्रकृति का संतुलन बना रहेगा नए साल की शुरुआत रेवती नक्षत्र में होने से प्रकृति संतुलन बना रहेगा। रेवती नक्षत्र पंचक का पांचवां नक्षत्र है, जिसका अधिपति पुषा है। ऋग्वेद की मान्यता के अनुसार यह प्रकृति के संतुलन का देवता है। 3 राशियों की चमकेगी किस्मत इस वर्ष मिथुन, तुला और कुम्भ राशि और लग्न वालों को लाभ होगा। इन राशियों और लग्नों के जातक राजनीति में भी अच्छा चमकेंगे। व्यवसाय में सफलता मिलेगी। नया व्यवसाय और उद्यम भी शुरू कर सकते हैं। 3 राशियों को रहना होगा सतर्क वृश्चिक, सिंह और धनु राशि और लग्न वालों को विशेष सतर्क रहना होगा। वाणिज्य-व्यापार में जोखिम उठाना हानिकारक हो सकता है। कार्यस्थल पर विशेष संयम रखना होगा और टकराव की स्थिति को टालना श्रेयस्कर रहेगा। 6 राशियों के लिए वर्ष सामान्य बाकी शेष छः राशि वालों के लिए समय सामान्य रहेगा और पुरुषार्थ के अनुसार लाभ मिलेगा। ग्रहो की स्थिति : विक्रम संवत 2076 में ग्रहों की स्थिति पर विचार करने में हम केवल दो ग्रहों पर विचार करेंगे – गुरु और शनि की गति पर। गुरु धनु राशि में 30 मार्च, शनिवार 03: 09 प्रातः को ही आ गए हैं। धनु राशि में रहते हुए ही ये 10 अप्रैल, 2019, बुधवार को रात्रि 10:30 बजे वक्री हो रहे हैं। वक्री गति में ये पुनः वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल, शनिवार की रात्रि 3 बजकर 2 मिन्ट पर प्रवेश करेंगे I ये 11 अगस्त, 2019, रविवार को संध्या 07:07 बजे ये मार्गी हो रहे हैं। वक्री गति का कुल समय 123 दिन का रहेगा। अब ये पुनः 5 नवम्बर, 2019, मंगलवार को प्रातः 06:42 बजे धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं जो कि संवतांतक तक धनु राशि में संचार करेंगे I शनि देव 23 जनवरी 2020 तक धनु राशि में संचार करेंगे फिर मकर राशि में संचार करेंगे जो कि सम्वंत 2076 के अन्त 24 मार्च 2020 तक रहेंगे I

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