मुमुक्षु महोत्सव के तीसरे दिन साध्वी भक्ति प्रभा ने अत्यंत रोचक पूर्ण शैली में शिव पार्वती संवाद सुनाया

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शिखा शुक्ला ने देशभक्ति गीतों का गायन कर सभी श्रोताओं मंत्र मुग्ध कर दिया

शाहजहांपुर। मुमुक्षु महोत्सव का तीसरे दिन बुद्धवार को प्रारम्भ गुरू पूजन से हुआ। यज्ञवेदी पूजन एवं रूद्राभिषेक मुख्य यजमान रत्नेश सिंह एवं विनीता सिंह ने किया। सायं काल में रूद्र स्वाहाकार से यज्ञ कुण्ड में विश्व से आतंकवाद की समाप्ति की कामना से आहूति दी गई। आचार्य आदेश पाण्डेय ने रूद्राभिषेक और यज्ञवेदी की विधियां सम्पन्न कराईं। आचार्य सतेन्द्र पाठक ने बताया कि प्रभु की प्रसन्नता भारत की सुरक्षा के लिए तीन मार्च तक प्रतिदिन यज्ञ किया जायेगा। कथा के मुख्य यजमान चन्द्रभान त्रिपाठी एवं सुनीता त्रिपाठी ने राम लला का पूजन वन्दन किया कथा व्यास साध्वी भक्ति प्रभा जी का माल्यार्पण कर स्वागत किया व साध्वी जी के सहयोगियों का डाॅ. मनीष कुमार, डाॅ. सचिन खन्ना, डाॅ. अमित कुमार व डाॅ. बलवीर शर्मा ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। कथा व्यास साध्वी भक्ति प्रभा ने शिव पार्वती संवाद अत्यंत रोचक पूर्ण शैली में सुनाया। पार्वती जी कहती हैं कि प्रभु वह कथा सुनाइये जिससे जन-जन का कल्याण हो, शिव ने कहा पार्वती आपने अपने कल्याण की बात न कर जन कल्याण की बात क्यों की। तो पार्वती ने कहा आप सम्पूर्ण सृष्टि के स्वामी हो तब शिव जी ने पार्वती जी को राम की कथा सुनानी आरम्भ की। पार्वती जी ने कहा राम कौन हैं? पुनि पुनि कहउ राम अवतारा.... कहउ नाथ जिन रावण मारा... सकल कहउ शंकर सुख-शीला‘‘ अर्थात् कृपा कर बताइए कि भगवान राम किस तरह से भक्तों का कल्याण करते हैं। उनकी लीला किस तरह की है। तब शिव जी ने सर्वप्रथम राम जी को स्मरण किया और पार्वती से बोले .... ‘‘धन्य धन्य गिरिराज कुमारी ..... तुम पुछउ रघुपति कथा प्रसंगा। सकल लोक जग पावन गंगा।।‘‘ अर्थात् राम की कथा पावन गंगा की भांति है जिसकी कथा तुम सुनना चाहती हो। राम कथा का श्रवण मात्र करने से जीव संसार के हर कष्ट से मुक्त हो जाता है। भगवान के सामथर््य की कोई सीमा नहीं है उनके बारे में सब कुछ कहना सम्भव नहीं है। क्योंकि भगवान कब कहां क्या करते हैं किसी को कुछ पता नहीं। ‘‘जय जय राम कथा। जय श्री राम कथा।। जिसे श्रवण कर मिट जाती है सौ सौ जन्म की व्यथा।। जय जय राम कथा। जय श्री राम कथा।। के साथ आज की कथा का समापन हुआ।‘‘ मुमुक्षु महोत्सव के संयोजक डाॅ॰ अनुराग अग्रवाल ने कथा प्रारम्भ होने से पूर्व के कार्यक्रमों को सम्पन्न कराया और आवश्यक सूचनाएँ दीं। श्रोतागणों में मुख्य रूप से डाॅ. हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव, प्रभा मिश्रा, डाॅ. आलोक सिंह, डाॅ. नरेन्द्र सिंह, डाॅ. गौरव सक्सेना, डाॅ. रघुवीर सिंह, डाॅ. अनिल कुमार सिंह, डाॅ. कविता भटनागर, दिव्यांश मिश्रा, कु. गुलफ्शा खान, सुशील मौर्या, विपिन कुमार, डी.पी. सिंह, कु. प्रिया गुप्ता आदि उपस्थित रहे। कल मुमुक्षु महोत्सव के द्वितीय दिवस के सायंकालीन सत्र में देशभक्ति गीतों का आयोजन भी किया गया था। जिसमें विभिन्न कलाकारों ने मन मोहक गीतों से खूब तालियां बटोरीं। कॉलेज सभागार में सम्पन्न हुए इस आयोजन का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि मुमुक्षु आश्रम के प्रबन्ध डाॅ. एस.पी. डबराल और विशिष्ट अतिथि श्रीमती शिखा शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत बी.एड. विभाग की शिक्षिका विद्या पाण्डेय ने सरस्वती वंदना से की। शिखा शुक्ला ने देशभक्ति गीतों का गायन कर सभी श्रोताओं मंत्र मुग्ध कर दिया। इसी क्रम में आकृति आर्या ने ‘एै मेरे वतन के लोगों जरा आँख में भर लो पानी‘, रूपाली अवस्थी, गौरव मिश्रा, रघुराज प्रताप सिंह, शिवम मिश्रा, गौरव मिश्रा, रचित चैहान तथा अश्वनि सक्सेना ने देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये। इस अवसर पर अतिथियों तथा समस्त कलाकारों को अंगवस्त्र ओढाकर सम्मानित किया। संयोजन में सुकन्या तिवारी, साहिल, निशा कश्यप तथा पूनम आदि का सहयोग रहा। डाॅ. देवेन्द्र सिंह के संचालन में सम्पन्न कार्यक्रम में मुख्य अधिष्ठाता पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद, डाॅ. कविता भटनागर, दिव्यांश मिश्रा, अखिलेश गौतम तथा संजू आदि उपस्थित रहे।

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