सेक्स लाइफ के ऐसे सच जिन्हें स्वीकारने में हिचकिचाते हैं लोग

test

Publish Date: (IST)

सेक्स एक ऐसा विषय है जिसे लेकर हमारी जानकारी हमेशा कम ही लगती है। वहीं सेक्स लाइफ के कुछ ऐसे सच भी हैं जिन्हें स्वीकारने में लोग हिचकिचाते हैं।

१.सेक्स सेक्स एक ऐसा विषय है जिसे लेकर हमारी जानकारी हमेशा कम ही लगती है। लेकिन सेक्स लाइफ के जु़ड़े कुछ ऐसे सच भी होते हैं जिन्हें आप स्वीकार  करने से हिचकिचाते जरूर हैं, लेकिन वे होते सत्य हैं। चलिए जानते हैं कि सेक्स लाइफ से जुड़े कुछ ऐसे सच।

२.हेल्दी सेक्स लाइफ वही जो आपको भाए कुछ कपल्स के लिए सेक्स का मतलब, हफ्ते में तीन से चार बार सेक्स करना होता है। वहीं कुछ कपल्स के लिए हफ्ते में एक बार किया गया सेक्स ही संतुष्ठी के लिए काफई होता है। मसलन सभी लोगों की सेक्स के प्रति इच्छा और इसे करने के तरीके भिन्न हो सकते हैं, लेकिन सेक्स की अपनी एक जगह है, जिसे किसी भी चीज से बदला नहीं जा सकता।

३.हाई और लो नीड पार्टनर किसी जोड़े में ऐसा हो सकते है कि किसी एक साथी की सेक्स के प्रति इच्छा ज्यादा हो और किसी दूसरे की कम। अक्सर सोचा जाता है कि पुरुषों में सेक्स की इच्छा अधिक होती है, लेकिन ऐसा हर बार सच नहीं होता। यह पूरी तरह संबंधों और जोड़े की इच्छा पर निर्भर करता है। हो सकता है कि कोई व्यक्ति अपने पहले रिश्ते में नीरस रहा हो, मगर दूसरे रिश्ते में उपकी सेक्स के प्रति इच्छाएं व उसके प्रति खुलापन बढ़ जाए।

४.सेक्स केवल बिस्तर तक सीमित नहीं सेक्स केवल बिस्तर तक ही सीमित नहीं होता। कुछ लोगों के लिए सेक्स के पूर्ण आनंद का मतलब सिर्फ संभोग नहीं होता, उनके लिए फोरप्ले और सेक्स के नए-नए तरीके ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। यही वज़ह है कि संभोग के बाद पूर्ण संभोग नामक शब्द ने अपनी जगह बनाई।

५.सेक्स केवल बिस्तर तक सीमित नहीं सेक्स केवल बिस्तर तक ही सीमित नहीं होता। कुछ लोगों के लिए सेक्स के पूर्ण आनंद का मतलब सिर्फ संभोग नहीं होता, उनके लिए फोरप्ले और सेक्स के नए-नए तरीके ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। यही वज़ह है कि संभोग के बाद पूर्ण संभोग नामक शब्द ने अपनी जगह बनाई।

६.अनेक संबंध वाले पुरुष ऐसे पुरूष जिनके अनेक स्त्रीयों से सेक्स संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्तवपूर्ण तो मानते हैं। लेकिन ये पुरूष अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते।

POLL
For these reasons BJP looted in Rajasthan, Madhya Pradesh and Chhattisgarh