समुदायिक भवन निर्माण की राशि हो गई निकासी , रह गया भवन निर्माण अधूरा

Bureau Chief

Publish Date: (IST)


सात साल के बाद भी समुदायिक भवन निर्माण अधूरा 

बिरनी : ऊपर से फिट फाट नीचे से मोकामा घाट की कहावत बिरनी के वृन्दा गांव का अधूरा समुदायिक भवन का सटीक जबाव है।समुदायिक भवन निर्माण कार्य सात साल से अधूरा है। जबकि समुदायिक भवन निर्माण की सारा राशि निकासी होने के बाद भी मनरेगा विभाग के कनीय अभियंता मदन कुमार ने अब भी कार्य पूर्ण नही कराया है। गांव के ही ग्रामीण ने मुख्यमंत्री जनसंवाद में शिकायत किया गया है। मुख्यमंत्री जनसंवाद में उठे मामला को बिरनी बीडीओ संदीप मध्येसिया ने गम्भीरता से लेते हुए। उक्त गांव पहुंचकर अधूरा समुदायिक भवन को जांच किया । जांच मे भवन अधूरा मिला है। इस दौरान कनीय ने दस से पन्द्रह दिनों के अंदर कार्य पूर्ण कर लेने के लिए बीडीओ को लिखित दिया है। बीडीओ ने कनीय अभियंता के लिखित के आधार पर दस से पन्द्रह दिनों के अंदर कार्य पूर्ण कर लेने का पत्र नोडल पदाधिकारी को 23 जनवरी 2018 भेजा है। ग्रामीण किरण कुमारी ने कहा कि सरकार ने आमजनों के सुविधा के लिए विकास की योजना देते है। योजना गांव में जरूर जमीन पर उतरता है। लेकिन योजना अधूरी रह जाता है। इसे देखने वाले कोई पदाधिकारी नही है। वृन्दा के अधूरा समुदायिक भवन बाहर से देखा जाय तो कोई नही कह सकते कि अधूरा है । लेकिन अंदर प्रवेश कर देखा जाए तब लोगो को जानकारी मिलेगा की योजना अधूरा है। कहा कि राशि की निकासी होने के बाद भी सात साल के बाद से कार्य पूर्ण नही कराया है।भवन निर्माण कार्य को कोई स्थानीय ग्रामीण एजेंसी होता तो प्रशासन ने उनपर मुकदमा कर दिया होता। लेकिन विभाग के कनीय अभियंता कार्य कर रहा है तो उसे प्रशासन को किसी तरह अधूरा कार्य भवन पर नजर नही है। भवन निर्माण की सारा राशि की निकासी कर राशि को दुरुपयोग किया गया है। उसपर प्रशासन का कोई जबाबदेह नही रहता है। कनीय अभियंता का कार्य कराने का मनसा साफ होता तो कब का करा दिया होता।

रिपोर्ट - रणबीर बर्णवाल, बिरनी

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