प्रधानाध्यापक कर रहा ठेकेदारी पूर्व में हत्या तथा बलात्कार के आरोप में गया था जेल

Updated: 08/11/2023 at 8:15 PM
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बांसी। जनपद सिद्धार्थनगर का शिक्षा विभाग हत्या और ब्लातकार जैसे घिनौने अपराध में सजा काटने वालों को विद्यालय बनाने का ठीका और जार्ज दिया गया है। जहां विभाग ऐसे अध्यापकों से करा रहा है ठेकेदारी। हत्या जैसे जघंन्य अपराध तथा बलात्कार जैसे घिनौने कार्य को अंजाम देने वाला पुष्कर नाथ त्रिपाठी को विद्यालय का चार्ज कैसे शिक्षा विभाग द्वारा दे दिया गया यह सोचनिए विषय है। ताजा मामला बांसी विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय आमामाफी का है जहां 10 बजे पहुंचने पर देखा गया की विद्यालय के प्रधानाध्यापक पेड़ के नीचे कुर्सी पर बैठकर ठेकेदारी करते नजर आए।

छात्र-छात्रा कमरे में बैठकर सहायक अध्यापक द्वारा पठन-पाठन का कार्य कराती पाई गई। प्राथमिक विद्यालय आमामाफी मे दो अध्यापकों की तैनाती है जिसमें इंचार्ज प्रधानाध्यापक पुष्कर नाथ त्रिपाठी पेड़ के नीचे बैठकर ठेकेदारी करते नजर आये। इंचार्ज प्रधानाध्यापक से पूछने पर उन्होंने बताया कि कुल नामांकन संख्या 118 उसके सापेक्ष 60 बच्चों की उपस्थिति है जहां इंचार्ज प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय में पढ़ाने के अलावा कर रहे हैं ठेकेदारी। पहले से बनी बाउंड्री को थोड़ा सा उच्चीकरण कर रिपैरिंग करा के निर्माण में भारी पैमाने पर धांधले बाजी रंग रोगन कराकर किया जा रहा हैं।इसी तरह पुराने शौचालय का छत तोड़कर दोबारा छत डालकर इसमें भी भारी पैमाने पर धांधलेबाजी और सरकारी धन का दुर्पयोग किया जा रहा है। वहीं उक्त अध्यापक बच्चों को पढ़ाना छोड़कर ठीकेदारी में लगे हैं।

विद्यालय मात्र एक शिक्षिका के द्वारा कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का परीक्षा किया जा रहा है और इंचार्ज साहब स्कूल में ठीकेदारी से गोलमाल करने में मस्त हैं। जहां एमडीएम की बात की जाए तो ना तो रसोईया मौजूद मिलीं ना ही बच्चों का भोजन बनाया जा रहा था। विद्यालय पर पत्रकारों के पहुंचने पर प्रधानाध्यापक द्वारा तमाम जगह मोबाइल फोन पर बात करके पत्रकारों को बात करने के लिए कहा गया पर संवाददाता द्वारा मना कर दिया गया। सूत्रों द्वारा पता चला कि विकलांग कोटे की नौकरी करने वाला इंचार्ज प्रधानाध्यापक घंटो तक मोबाइल फोन पर लगा रहता है। यह बड़ा सवाल है कि यह इंचार्ज प्रधानाध्यापक दिव्यांग प्रमाण पत्र में श्रवणबाधित है फिर कैसे घंटों तक मोबाइल पर बात करते रहता है। यही प्रधानाध्यापक पुष्करनाथ त्रिपाठी है जो पूर्व में हत्या तथा बलात्कार के आरोप में जेल भी काट चुका है और न्यायालय में मामला विचाराधीन है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया की इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी सिद्धार्थनगर जो भी निर्णय लेंगे हम कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे।इस संबंध मे बेसिक शिक्षा अधिकारी से पक्ष लेने के लिये क ई बार फोन लगाया पर फोन नहीं उठा।

First Published on: 08/11/2023 at 8:15 PM
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