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भदोही के समाजवादी चिंतक प्रभुनाथ मिश्र का निधन, शोक की लहर

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भदोही। जिले के समाजवादी चिंतक और गांधीवादी विचारधारा के धनी प्रभुनाथ मिश्र का मंगलवार को भोर में हार्ट अटेक होने से बीएचयू में निधन हो गया। निधन की खबर सुनने के बाद जिले के समाजवादी पार्टी के लोगो का अंतिम दर्शन के थांथा लग गया। और लोगो ने समाजवादी चिंतक प्रभु नाथ मिश्र के निधन पर शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
औराई क्षेत्र के भमौरा निवासी प्रभु नाथ मिश्र का जन्म 15 अगस्त 1947 को हुआ था। छात्र जीवन से समाजसेवा और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने को स्थापित किया। विज्ञान के छात्र होते हुए भी राजनीति में गहरी पैठ रही। और छात्र जीवन से ही समाजसेवी के रूप में कार्य किया। भदोही जिले के निर्माण में अहम भूमिका निभाई और इसी की वजह से भदोही संघर्ष समिति बनाई जिसमें जिले की विभिन्न समस्याओं को लेकर हमेशा मुखर रहे। मिश्र जी 1977 से जे पी आन्दोलन से जुडे। और सक्रिय भूमिका निभाई।समाजवादी सोशलिस्ट दल के संगठन मंत्री भी रहे। 1980 से 1989 तक जनता पार्टी के वादाणसी के जिला महामंत्री रहे। 1989 जनता दल के वाराणसी मंडल के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी निभाई। 1990 में सजपा और 1992 समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। औराई तहसील के घोसियां में 26 बीघे तालाब के अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए राज्यपाल द्वारा पैरोकार नामित रहे। और हमेशा भू माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाते रहे। प्रभु नाथ मिश्र ने समधा क्षेत्र में मलेरिया उन्मूलन का अभियान चलाया जिसमें लाटरवाही करने वाले कई अधिकारियों पर गाज गिरी। प्रभु नाथ मिश्र के नाम पर भ्रष्टाचार में संलिप्त लोग भय खाते रहे। इसी बात को लेकर कई भूमाफिया और भ्रष्ट अधिकारियों से इनके साथ भिड़ंत की भी घटनाए हुई। प्रभु नाथ मिश्र समाजवादी विचारधारा से जुडे होने से परिवार में भी लोग समाजवादी विचारधारा से जुडे रहे और अब उनके बडे बेटे धर्मेन्द्र मिश्र समाजवादी पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता है। प्रभुनाथ मिश्र के निधन की खबर के बाद समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष विकास यादव, पूर्व विधायक जाहिद बेग, जिला महासचिव हृदयनारायण प्रजापति, कृष्ण नारायण यादव, इजहार अंसारी, गुलाब यादव, इबरार अहमद, रामकरन यादव ने समाजवादी पार्टी के झंडे में लपेटकर उनके शव को कंधा भी दिया। इसके अलावा मधुबाला पासी, बिन्दू सरोज, राजेश सोनकर, मनोज सोनकर, बैजनाथ गौतम, विनोद यादव, मनोज यादव समेत काफी लोग रहे। निधन के बाद घर से लेकर गंगा घाट तक लोगो का तांता लगा रहा और लोग प्रभु नाथ मिश्र के कार्यो की सराहना करते देखे गये। औराई तहसील के पास भी कई वकीलों ने प्रभु नाथ मिश्र को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। भोगांव गंगा घाट पर भारी संख्या में समाजवादी नेता और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे। प्रभु नाथ मिश्र के बडे बेटे धर्मेन्द्र मिश्र ने मुखाग्नि दी।

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