राज्य चुने

HomeStateMadhya PradeshChittorgarh News कलेक्टर ने किया अवार्डी व प्रगतिशील किसान के फार्म का...

Chittorgarh News कलेक्टर ने किया अवार्डी व प्रगतिशील किसान के फार्म का दौरा

लेटेस्ट न्यूज़:

विज्ञापन

संवाददाता राकेश शर्मा के साथ रामसिंग मीणा
चित्तौड़गढ़। कृषि विज्ञान केन्द्र चित्तौड़गढ़ के प्रभारी डॉ. रतनलाल सोलंकी ने जिला कलेक्टर ताराचन्द मीणा, अतिरिक्त कलेक्टर भूमि अवाप्ति अम्बालाल मीणा एवं तहसीलदार चित्तौड़गढ़ सत्येन्द्र कुमार आदि को रविवार को चित्तौडगढ तहसील के जयसिंहपुरा (बस्सी) में निर्मल कृषि फार्म पर स्थापित समन्वित कृषि प्रणाली का मॉडल, नवाचार व अवार्डी प्रगतिशील किसान नंदलाल धाकड़ के फार्म पर भ्रमण करवाया। डॉ. सोलंकी एवं प्रगतिशील कृषक नंदलाल धाकड़ ने जिला कलेक्टर महोदय को समन्वित कृषि प्रणाली (IFS) मॉडल के तहत् फार्म पर लगी विभिन्न इकाईया, वर्मी कम्पोस्ट, डेयरी, बायोगैस गोदाम, अमरूद, सीताफल का बगीचा, नर्सरी, पॉलीहाउस, जैविक लगी हुई सब्जियां एवं फसलें जैसे अदरक, हल्दी, बैंगन, रतालु, सूर्ण, गरालू, टमाटर, बोकोली, मक्का व मूंगफली आदि की फसलों का अवलोकन करवाया। निर्मल कृषि फार्म के पालीहाउस में नंदलाल धाकड़ ने नवाचार के रूप में 2016 से बंगाली पान की खेती करना शुरू किया। पान का उत्पादन कर पान का विक्रय बस्सी, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भीलवाड़ा व दिल्ली में विक्रय कर महिना के 10000 से 12000 रूपयें पान से शुद्ध आय प्राप्त कर रहे है। जो जिले में एक नवाचार है, औसतन वर्ष में 15 से 20 लाख की शुद्ध आय अर्जित करते है। साथ ही नंदलाल ने अपने फार्म पर 10 से 12 तरह की किस्म के सीताफल के पौधे लगा रखे है, जिसका वजन 1500 ग्राम से 1.5 किलो तक होता है, जिसकी मिठास अच्छी व बीज कम निकलते है। जिसको उपभोक्ता आइसकीम की तरह एवं मिठाई के रूप में प्रयोग करते है। इसी सीताफल का विक्रय दिल्ली में 150 से 250 किलो रूपये की दर से विक्रय करता है।

- Advertisement -

Chittorgarh News कलेक्टर ने किया अवार्डी व प्रगतिशील किसान के फार्म का दौरा

डॉ. सोलंकी ने जिला कलेक्टर महोदय को अवगत कराया कि जयसिंहपुरा गांव को कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा तीन वर्ष गोदित योजना के तहत गांव गोद रखा एवं किसानों के यहा फसल, सब्जियां, वर्मीकम्पोस्ट व बायोगैस संयंत्र के प्रदर्शन आयोजित किये गये, साथ ही कृषक नंदलाल धाकड़ की मेहनत व खेती में जोखिम उठाकर शीघ्र नयी तकनीकी ग्रहण करने की क्षमता व इनको डेयरी, वर्मीकम्पोस्ट, बायोगैस व बगीचा आदि इकाईयां शीघ्र स्थापित व जैविक सब्जी तैयार करने को प्रेरित किया एवं इनके नवाचार को पारितोषिक हेतु आवेदन पत्र तैयार कर आत्मा का राज्य स्तरीय एवं भारतीय कृषि एवं अनुसंधान परिषद से जगजीवन राम अभिनव कृषक पुरस्कार से सम्मानित कराया. साथ ही खेती की उन्नत तकनीकी सीखने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र (ICAR) के मार्फत 10 दिन के लिए विदेश मलेशिया जाकर खेती की नवीन तकनीकी सीखकर आये एवं तकनीकी को अपने फार्म पर कियान्वित की। जिला कलेक्टर महोदय ने कृषक नंदलाल धाकड़ के प्रत्येक नवाचार में पालीहाउस में पान की खेती, गरालू, हल्दी, अदरक, नर्सरी में पौधे तैयार करने की बारीकी से जानकारी लेकर मेहनत की प्रशंसा की। जो जिले के अन्य किसानों के लिए समन्वित कृषि प्रणाली आदर्श मॉडल है किसान इसे अपनाकर अपनी आय को इजाफा कर सकता है साथ ही जिला कलेक्टर महोदय ने किसान नंदलाल धाकड़ को सीताफल या अन्य की प्रसंस्करण इकाई लगाने हेतु प्रेरित किया ताकि कृषक को अधिक आमदनी प्राप्त हो सके। अन्त में जिला कलेक्टर ने किसान नंदलाल धाकड़ द्वारा स्थापित समन्वित कृषि प्रणाली मॉडल की खेती एवं नवाचारो (पान की खेती) की सराहना की।

ट्रेंडिंग न्यूज़:

हमारे साथ जुड़े:

500FansLike
0FollowersFollow
500SubscribersSubscribe

यह भी देखे:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here