
Culture festival was organized in Bansi Tehsil Auditorium under our culture, our identity
बांसी। उत्तर प्रदेश पर्व हमारी संस्कृति हमारी पहचान के अंतर्गत बांसी तहसील सभागार में संस्कृति उत्सव का आयोजन रविवार को हुआ। उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप एवं जिलाधिकारी पवन अग्रवाल के मार्गदर्शन में शास्त्रीय एवं लोक संगीत की उपयुक्त पृष्ठभूमि में क्षेत्र के सभी अंचलों कलाकारों की पहचान कर उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार मंच प्रदान करते हुए उनको प्रोत्साहित एवं सम्मिलित करने के उद्देश्य से संस्कृत विभाग द्वारा हमारी संस्कृति हमारी पहचान के अंतर्गत संस्कृति उत्सव प्रतियोगिता का आयोजन तहसील मुख्यालय पर हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एस डी एम कुणाल एवं डा.संजीव दीक्षित ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन व दीप प्रज्वलित कर किया।कार्यक्रम में क्षेत्र के कई विद्यालय के बच्चों ने प्रतिभाग किया और संस्कृत कार्यक्रम प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के शुरुआती दौर में ब्रम्हानंद ,अंशू,मनीष, बृजेश, शिवकुमारी, रवि गौड़,अग्रिमा वर्मा ,शुभश्री वर्मा नृत्य, साबिर खान,रैंप सांग ,गोलू,कौशलेंद्र मिश्र,नृत्य तथा शालनी पाठक, अरुन कुमार त्रिपाठी आदि ने राधा कृष्णा की झांकी,देशभक्ति गीत, आदि कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों का मन मोह लिया।इसके बाद प्राथमिक विद्यालय बांसी के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य घूमर, शिव तांडव, देशभक्ति नाटक के माध्यम से देश प्रेम की भावना को जागृत किया। प्रतिभागियों में निशा गुप्ता, इलानी गुप्ता, अखिलेश कुमार, उमेश चंद्र वर्मा, आमिर अली,रामसुरत, लालजी तिवारी, पंचम, असरफ ,प्रदीप कुमार सक्सेना द्वारा लोकगीत व गायन कर लोगों का मन मोह लिया।इस दौरान प्रभारी तहसीलदार राघवेंद्र पान्डेय ने बताया कि विद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद,सांस्कृतिक प्रोग्राम,विज्ञान प्रदर्शनी,सहप्रदर्शनी,सहित बेहतर भविष्य बनाने के गुण भी सिखाए जाते हैं जिससे यहां पर अध्यनरत छात्र-छात्राएं नौकरी के अलावा, सामाजिक कार्य कर सकें। इसके बाद मंच पर बैठे अधिकारियों द्वारा सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर नायब तहसीलदार बिन्द्रेश गुप्ता, राजस्व निरिक्षक प्रमोद मिश्रा, कन्हैया सिंह, लेखपाल गिरीशचंद्र श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, फारुख खान,भानू प्रताप, बिनोद गौतम, प्रशांत कुमार, शैलेश कुमार, संदीप मिश्र, आरके सुभद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।