लाइव ब्रेकिंग न्यूज़: 

RPF NEWS :आरपीएफ सिपाही और ट्रेन गार्ड ने बचायी यात्री की जान   |  RPF NEWS :आरपीएफ सिपाही और ट्रेन गार्ड ने बचायी यात्री की जान   |  Kachhona Hardoi News : दो पक्षो में जमकर चली लाठियां, दो लोग गंभीर रूप से घायल   |  Kachhona Hardoi News : दो पक्षो में जमकर चली लाठियां, दो लोग गंभीर रूप से घायल   |  Maudhaganj Kachhouna News माधौगंज कार्यकर्ताओं के द्वारा फूल मालाओं से प्रदेश अध्यक्ष जी का भव्य स्वागत किया गया   |  Maudhaganj Kachhouna News माधौगंज कार्यकर्ताओं के द्वारा फूल मालाओं से प्रदेश अध्यक्ष जी का भव्य स्वागत किया गया   |  Hardoi News : क्रिकेट टूर्नामेंट का हुआ समापन, अंतिम मुकाबले में मुसलमानाबाद टीम ने अपने विपक्षी टीम करलवां को 10 विकेट से हरा खिताब अपने नाम किया   |  Hardoi News : क्रिकेट टूर्नामेंट का हुआ समापन, अंतिम मुकाबले में मुसलमानाबाद टीम ने अपने विपक्षी टीम करलवां को 10 विकेट से हरा खिताब अपने नाम किया   |  Film Prithviraj का नाम बदले बिना फिल्म स्क्रीनपर दिखाना नामुमकिन: दिलीप राजपूत   |  Film Prithviraj का नाम बदले बिना फिल्म स्क्रीनपर दिखाना नामुमकिन: दिलीप राजपूत
Monday, June 14, 2021

राज्य चुने

HomeStateमनाई गई अमर शहीद पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल जी की जयंती

मनाई गई अमर शहीद पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल जी की जयंती

लेटेस्ट न्यूज़:

विज्ञापन

भागलपुर ( देवरिया )

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना अहम योगदान देने वाले अमर शहीद पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल जी के जयन्ती पर बरहज आश्रम परिषर में स्थापित उनके समाधि स्थल पर माल्यार्पण कर याद किया गया। अनन्त पीठ के पीठाधीश्वर श्री आञ्जनेय दास जी ने कहा कि पण्डित जी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की क्रान्तिकारी धारा के एक प्रमुख सेनानी थे, जिन्हें ३० वर्ष की आयु में ब्रिटिश सरकार ने फाँसी दे दी। सच्चे राष्ट्रवादी तो थे ही साथ मे समाज के पथ प्रदर्शक भी थे। बाबा राघव दास जी के विचारों से प्रभावित थे। फांसी के पूर्व बाबा जी से मिलने की इच्छा जताई थी , जब बाबा जी मिले तो बाबा जी के आँखों में अश्रु थे इसपर पण्डित जी ने कहा कि बाबा जी आप तो कहते हैं कि आत्मा अमर है तो फिर ये मुझे कहाँ मार सकते हैं।’

- Advertisement -

मनाई गई अमर शहीद पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल जी की जयंती

फाँसी के बाद राप्ती तट पर अन्तिम संस्कार के बाद बाबा जी अपने साथ उनकी अस्थियां एक कलश में लाकर यहाँ समाधि बनाई जिसके लिए उन्हें अंग्रेजों ने बहुत परेशान किया। आज बरहज ककोरी काण्ड के क्रांतिवीर की समाधि बना कर धन्य है। उनकी एक रचना है कि “ऐ मातृभूमि तेरी जय हो, सदा विजय हो
प्रत्येक भक्त तेरा, सुख-शांति-कान्तिमय हो”
इस अवसर पर अंश फाउण्डेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष अभय पाण्डेय जी ने कहा कि मैं स्वर्गीय श्री राजनारायण पाठक जी के मुख से बाबा राघव दास जी, पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल जी एवं अन्य विभूतियों के विषय मे सुना करता था। मेरे मन मे समाज सेवा का भाव बना जिसके कारण आज मैंने अंश फाउण्डेशन ट्रस्ट की स्थापना की है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज सेवा है। मैं पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल जी के जीवन को पढ़ कर महसूस किया कि वे एक महापुरुष थे। एक जगह उन्होंने खुद लिखा है कि “जो क़त्ल को भी जश्न लिखे, मौत को माशूक
‘बिस्मिल’ को बराबर हैं कलम हो या हो बन्दूक…”
ऐसे महापुरुष को शतशत नमन करते हैं।
इस अवसर पर अनन्त पीठ के पीठाधीश्वर श्री आञ्जनेय दास जी, अंश फाउण्डेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अभय पाण्डेय, सदस्य श्री विनय मिश्रा जी, प्रधानाचार्य पाठक जी, ओम प्रकाश दुबे, राकेश पाण्डेय, कुनाल यादव, प्रदीप, अनुपम, अनमोल, अभिनव,आर्या आदि ने माल्यार्पण किया।

ट्रेंडिंग न्यूज़:

यह भी देखे:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here