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खेत पर जाने का रास्ता रोका खेत में जाने का रास्ता नहीं होने से गरीब किसान को हो रहा है नुकसान

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पिछले 2 वर्ष से पढ़त पड़ी थी भूमि अब पड़ोस के किसी किसान को लीज पर दी है

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बरडिया।। जिला मुख्यालय से 24 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरड़िया पंचायत मुख्यालय पर गांव के किसान अशोक कुमार शर्मा पिता रामलाल शर्मा एवं दिलीप शर्मा पिता चंद्रशेखर शर्मा का ग्राम पंचायत बरडिया पटवार अलका बरडिया में मध्य प्रदेश राजस्थान सीमा पर राजस्व रिकॉर्ड बरडिया में 4 बीघा भूमि स्थित है ।उक्त भूमि में कृषि कार्य करने हेतु जाने का रास्ता राजस्व रिकॉर्ड मे दर्ज है। कृषक परिवार अपने 4 बीघा भूमि पर कृषि कार्य करने के लिए एक मुख्य रास्ते से कई वर्षों से आ जा रहा था ।लेकिन गांव के दयाराम पिता मांगीलाल तेली उम्र 60 वर्ष ने रास्ते में आने जाने हेतु कई बार रोकने का प्रयास किया वह आने जाने के लिए मना करता रहा है । रास्ते रोकने के संबंध में सन 2006 में अतिरिक्त कलेक्टर महोदय प्रतापगढ़ को एक लिखित आवेदन दिया था।उसको लेकर कोई सुनवाई नहीं हो पाई थी। तब भी किसान परिवार उक्त रास्ते से आवक जावक जारी रखी ।उसके बाद सन् 2008 में किसान ने एक बार फिर कलेक्टर महोदय को लिखित आवेदन दिया मामला चलता रहा। फिर उन्होंने ग्राम पंचायत बरडिया में आयोजित प्रशासन गांव के संग शिविर में एक बार फिर तत्कालीन उपखंड अधिकारी महोदय को रास्ता रोकने के बारे में अवगत कराया जिसको लेकर प्रार्थी की ओर से बताया गया था ।कि गांव के दयाराम तेली द्वारा हमारा रास्ता अवैध तरीके से रोका जा रहा है। जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं ।उसके बाद भी आने जाने के लिए रोकता है। हमें मजबूरन होकर हमारी कृषि भूमि को आस-पड़ोस वालों को हमारी कृषि भूमि लिज नामे या गिरवी रखनी पड़ती है। क्योंकि दोनों ओर के पड़ोसियों के आने जाने का रास्ता अलग हैं ।और कृषि भूमि की अंतिम छोर पर मध्य प्रदेश बॉर्डर लगती हैं ।तो उधर से आना भी संभव नहीं है । उपखंड अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पटवारी गिरदावर को 3 दिन में रास्ता खुलवाने का आदेश दिया था ।3 दिन बाद पटवारी और गिरदावर साहब ने उस रास्ते को खुलवाया था ।तब से हम आ जा रहे थे। लेकिन दयाराम की नियत में खोट होने के वह पिछले दो-तीन वर्षों से उक्त रास्ते की भूमि पर ट्रैक्टर चलाकर फसल बहुत देता था ।हमारे मना करने पर वह कहता था ।कि तुम्हें कौन मना कर रहा है ।निकलने के लिए मेरी खड़ी फसल में निकलो सन 2010 में दयाराम की ओर से उपखंड अधिकारी महोदय के रास्ते खुलने के पश्चात दयाराम तेली की ओर से एक सादे कागज पर गांव के पंच पटेल मौत बीर व्यक्तियों के सामने लिख कर दिया था। कि मैं आज के बाद में तुम्हारा रास्ता नहीं रोकूंगा और रास्ते में किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं करूंगा रास्ते में फसल की बुवाई नहीं करूंगा अगर रास्ता रोक लूंगा तो इसका गुनहगार में रहूंगा। लेकिन प्रार्थी द्वारा हर बार दादागिरी दिखाने लगा और उक्त रास्ते में फसल बुवाई करने लगा गांव के पंचों द्वारा समझाने के बाद भी नहीं माना लेकिन अभी गर्मी के समय खेत की जुताई करने के लिए ट्रैक्टर लेकर गए ।तो दयाराम द्वारा ट्रैक्टर नहीं जाने दिया और जान से मारने की धमकी देने लगा कहने लगा कि मैं गांव का दादा आदमी हूं मैंने पहले भी दो मर्डर कर रखे हैं। आज तक पुलिस को इसका कोई शक नहीं हुआ तो तुम्हारा भी यही हाल कर दूंगा अगर इधर से निकले तो। इस रास्ते में तुम्हें जिंदा दफना दूंगा कृषि भूमि के मालिक अशोक कुमार शर्मा व दिलीप शर्मा ने उक्त खेत को पड़ोस के श्री भवर सिंह जी चुंडावत के 1 वर्ष के लिए लीज नामे कर दिया ।फिर ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत को हमारे द्वारा मौखिक सूचना दी। गई हमारी मौखिक सूचना पर सरपंच पति एवं वार्ड वार्ड पंचों द्वारा उक्त रास्ते को 12 फीट छोड़ कर दो फीट खाई जेसीबी द्वारा दी ।नियमानुसार अभी नरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरडिया में दो रास्तों का निर्माण कार्य करवाया उन रास्तों में भी 14 फीट खाई लगाकर खेत के अंतिम छोर तक नियमानुसार बनाया गया ।हम जब रास्ते की खाई लगाकर आए। तब दयाराम तेली वहां पर मौजूद था। तो उस समय कुछ नहीं बोला लेकिन बाद में उसने हमारे खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया ।फिर हमने पटवारी और गिरदावर को मौके पर बुलाकर उक्त रास्ते का हल निकालने की कोशिश करी वह पटवारी और गिरदावर से कहता है ।कि मेरे निजी जमीन मैं इनको नहीं निकलने दूंगा ।इनको यहां से जाने नहीं दूंगा पटवारी और गिरदावर ने पंचायत के 3 वार्ड पंच और गांव के प्रमुख पंच पटेलों के सामने कहा कि ।यह मुख्य रास्ता है ।यहां पर पुराने जमाने में आवक जावक थी। इस रास्ते में जाने से कोई किसी को नहीं रोक सकता। तभी दयाराम तेली नहीं माना इस तरह से रास्ता रोकने से कहीं ना कहीं गांव का दबंग दयाराम तेली प्रशासन के सामने अपनी दमकता साबित करना चाहता है और अभी वर्तमान में दिनांक 5 साथ 2021 को जिला कलेक्टर महोदय एवं तहसीलदार महोदय प्रतापगढ़ को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया रास्ता फुलाने की मांग की गई लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं हुई ना कोई संबंधित अधिकारी मौका देखने पहुंचा। गांव में संप्रदायिक सुंदरता का माहौल बना रहे। इसके लिए जिला प्रशासन को जल्द चाहिए कि बीच का रास्ता निकाल कर रास्ता दिलाया जाए

क्या कहता है नियम

ग्राम पंचायत बरडिया के रास्ते विवाद को लेकर दैनिक भास्कर ने जब नियम की जानकारी ली। तो इसमें पाया गया कि संविधान के अनुसार कोई भी किसी का रास्ता नहीं रोक सकता। यदि किसी की निजी जमीन में जाने का रास्ता राजस्व रिकार्ड में दर्ज हो तो मना नहीं किया जा सकता है ।एवं राजस्व रिकॉर्ड में रास्ता दर्ज नहीं होने की स्थिति में 251 ए कि करवाई उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष दावा प्रस्तुत कर भी रास्ता प्राप्त किया जा सकता है ।इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करवाना अनिवार्य है निर्धारित शुल्क के बाद होने के बाद पैसा निकल सकता है
इनका कहना। ।
1 हमारी निजी जमीन में जाना का एक मुख्य रास्ता है रास्ता नहीं मिलने के कारण हम हमारी कृषि भूमि पर कार्य नहीं कर पा रहे हैं जिला प्रशासन से मांग करता हूं सोने रास्ता खुलवा कर जल्दी न्याय दिलाएं
अशोक कुमार शर्मा कृषक
2 खेती मजदूरी हमारा एक मात्र सहारा है यदि हमारी चार बीघा भूमि पड़त रह गई तो परिवार और मेरा भरण पोषण करना मुश्किल हो गया।
दिलीप शर्मा पीड़ित किसान
3 रास्ता रोकने की सूचना हमें मिली मैं एवं गिरदावर साहब मौके पर पहुंचकर रास्ते का निरीक्षण किया तो हमने पाया कि उस रास्ते से कृषक परिवार की आवक जावक थी
भगवती लाल जी गायरी पटवारी बरडिया।।
4 मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है ।अगर ऐसा कोई मामला है ।और किसी के खेत मे जाने का रास्ता रोका गया है ।तो रास्ते को खुलवा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। तहसीलदार प्रतापगढ़

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