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Monday, June 14, 2021

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घर वालो ने किया अतिम संस्कार फिर 15 दिन बात जिंदा लौटी महिला!

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घर वालो ने किया अतिम संस्कार फिर 15 दिन बात जिंदा लौटी महिला!

जया गुरव
आंध्र प्रदेश : आंध्र प्रदेश मे हैरान कर देने वाली एक घटना सामने आई है। जिसमें 75 साल की बुजुर्ग महिला मुत्याला गिरिजम्मा को अस्पतालों वालों ने मृत घोषित कर दिया था.परिवार वालों ने उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया लेकिन इसके बावजूद भी गिरिजम्मा जिंदा अपने घर लौट आईं जिससे परिवार वाले भी हैरान रह गए।
बता दें कि गिरिजम्मा कोविड-19 की मरीज थीं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल वालों ने गिरिजम्मा के घरवालों को यह सूचना दी कि उनकी मौत हो गई है।
जिसके बाद परिवार वाले मुर्दाघर से एक लाश को गिरिजम्मा का शव समझकर घर ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया है लेकिन 15 दिनों बाद ही जब गिरिजम्मा घर पहुंची तो सबके होश उड़ गए।

जाने पुरे मामले की हकीकत
कोरोना की जांच पॉजिटिव आने के बाद गिरिजम्मा को 12 मई को विजयवाड़ा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया | 15 मई को अधिकारियों ने बताया कि बीमारी की वजह से गिरिजम्मा की मौत हो गई है।
गिरिजाम्मा के भतीजे नागू ने कहा कि, अस्पताल के अधिकारियों ने परिवार को शवगृह में उनका शव तलाश करने को कहा। वो कहते हैं, “मेरे चाचा को अपनी पत्नी के जैसा ही एक शव मिला। अस्पताल के अधिकारियों ने एक डेथ सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया था। परिवार वाले उस शव को जग्गैयापेट ले गए और उसी दिन अंतिम संस्कार कर आए। गिरिजाम्मा के बेटे रमेश की भी 23 मई को कोरोना से मृत्यु हो गई। हमने दोनों के लिए एक प्रार्थना का आयोजन किया ताकि उनके आत्मा को शांति मिल सके.
जैसे ही गिरिजम्मा का इलाज पूरा हुआ वह ठीक होकर अपने घर आ गईं। और घरवालों ने तो उन्हें मरा हुआ समझ लिया था इसलिए कोई भी वापस अस्तपताल नहीं गया लेकिन जैसे हीू गिरिजम्मा वापस आईं उनके परिवार वाले और पड़ोसी दोनों हैरान रह गए। नागू व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछते हैं कि गिरिजम्मा को मरा हुआ बता दिया था , इसमें किसकी गलती थी ? ऐसे प्रश्न उठाये गए ; देखते हैं आगे क्या होता है.

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