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अवध एवं मिथिला के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध को लेकर यात्रा ऐतिहासिक साबित होगी

बरहज, देवरिया। 10वें दिवस का आरंभ बरहज खंड संघचालक बिजेश्वरी सिंह के गांव बिजौली भैया से हुआ। इस अवसर पर परमेश्वरी सिंह कृष्ण दत्त मिश्र मेमोरियल विद्यालय में आयोजित समारोह में यात्रा संयोजक मनोज पाठक ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह अयोध्या में श्रीराम की जन्मभूमि है उसी तरह सीतामढ़ी बिहार में सीतामाता का प्राकट्य धाम है। हमें अपने जीवन काल में इन दोनों स्थान की यात्रा बार बार करनी चाहिए। खंड संघचालक बिजेश्वरी सिंह ने यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि अवध और मिथिला के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध सुदृढ करने में यह यात्रा ऐतिहासिक साबित होगी। बरहज नगर संघ प्रचारक रोहित ने कहा कि सीता जी का प्राकट्य बिहार के सीतामढ़ी पुनौरा धाम में हुआ है। 

यात्रा आयोजक संस्था जनजागृति मंच दिल्ली के अध्यक्ष के एन झा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये यात्रा सभी सनातन धर्मियों को संकल्प दिलाने के लिए है। हमें एकजुट होकर श्रीराम और सीता जी के ऐतिहासिक तीर्थो को विकसित करना चाहिए। तीर्थों के विकास के साथ श्रीराम और सीता के आदर्शों को जीवन में अपनाना चाहिए।विद्यालय में सम्मेलन के बाद जानकी ज्योति जागृति यात्रा एक शोभायात्रा के रूप में आगे बढ़ी। बरहज बाजार से होते हुए बाबा सूरदास कुटी, श्रीराम जानकी मंदिर पर दर्शन पूजन कर आगे के लिए प्रस्थान की। इस दौरान सेवा प्रमुख दिनेश्वर, डा. प्रदीप कुमार झा, सतीश चौहान, भरत, नन्द किशोर महतो, डिलन सिंह, किशन, मनोज पाठक मौजूद रहे।

 

TFOI Web Team

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