
Use ambulance number 102 for pregnant women and newborn babies – D.M.
देवरिया, जिलाधिकारी अखंड प्रताप ने गर्भवती, प्रसूता, नवजात और दो साल तक के बच्चों द्वारा स्वास्थ्य इकाई तक आने और वहां से वापस जाने के लिए 102 नंबर एम्बुलेंस सेवा का इस्तेमाल करने की अपील की है । उन्होंने जिला जिलाधिकारी कार्यालय परिसर से 102 नंबर की 14 नयी एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखा कर गुरुवार को रवाना किया । यह एम्बुलेंस 14 पुरानी एम्बुलेंस के स्थान पर आई हैं। जिले में कुल 102 की 38 एम्बुलेंस और 108 की 35 एम्बुलेंस, एलएएस की चार सहित कुल 77 एम्बुलेंस क्रियाशील हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि 102 नंबर एम्बुलेंस सभी सरकारी अस्पतालों पर खड़ी रहती हैं । इन पर किसी भी मोबाइल नंबर या लैंडलाइन के जरिये कॉल करके सरकारी प्रावधानों के अनुसार 24 घंटे सेवा ले सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने कहा कि इस समय औसतन एक दर्जन लाभार्थी प्रतिदिन इस सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं । गर्भवती जब कभी भी प्रसव पूर्व जांच के लिए सरकारी अस्पताल आती हैं तो वह इस सेवा का उपयोग कर सकती हैं । उन्हें यह एम्बुलेंस न केवल घर से अस्पताल तक लाएगी बल्कि घर पर भी वापस छोड़ेगी । सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को घर ले जाने के लिए भी इस एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है । दो साल तक के बच्चे को अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत हो तो सरकारी अस्पताल तक लाने और घर ले जाने के लिए इस सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं । नसबंदी सेवा अपना चुकी महिला को घर छोड़ने के लिए भी यह एम्बुलेंस उपयोग में आती है।
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डॉ झा ने बताया कि 102 नंबर एम्बुलेंस सेवा एक बेसिक लाइफ सपोर्ट सेवा है और इसमें प्राथमिक देखभाल की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इसके पायलट और इमर्जेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) प्रशिक्षित होते हैं और विशेष परिस्थिति में एम्बुलेंस में भी सुरक्षित प्रसव करवा सकते हैं । गर्भवती और दो साल तक के बीमार बच्चों को एक सरकारी अस्पताल से दूसरे उच्च सरकारी अस्पताल तक ले जाने में भी इस एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है । एम्बुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी डॉ संजय चंद की देखरेख में एम्बुलेंस हेल्प डेस्क भी कार्य करता है । वहां सेवाएं लेने वाली लाभार्थी हेल्प डेस्क की मदद से घर जाने के लिए भी सम्पर्क कर सकती हैं।
इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ संजय चंद, एसीएमओ डॉ संजय गुप्ता, डीपीएम पूनम , जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल, रीजनल मैनेजर पीयूष कुमार सिंह, प्रोग्राम मैनेजर श्याम सुंदर यादव, और जिला प्रभारी राहुल पाण्डेय, प्रेम शरण यादव, संतोष कुमार भी प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
एम्बुलेंस सेवा का संचालन कर रही संस्था जीवीके ईएमआरआई के प्रोग्राम मैनेजर श्याम सुंदर यादव ने बताया कि 102 नंबर एम्बुलेंस लाभार्थी को सिर्फ निकटतम सरकारी अस्पताल ले जाती है। वहां से रेफर किये जाने पर उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाती है। यह एम्बुलेंस किसी भी दशा में निजी अस्पताल तक मरीज को ले जाने के लिए अधिकृत नहीं है। हौसला साझेदारी के तहत सम्बद्ध निजी अस्पताल सूर्या क्लिनिक के लाभार्थियों को भी एम्बुलेंस की सेवा सरकारी प्रावधानों के अनुसार मिलती है।
सदर ब्लॉक की आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी का कहना है कि जरूरतमंद लोगों के घर की महिलाएं और बच्चे इस एम्बुलेंस का अधिक इस्तेमाल करते हैं । एम्बुलेंस की 102 नंबर सेवा को कॉल करने पर यह समय से मिल जाती है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर वही वर्ग करना चाहता है जिसके पास पैसे की दिक्कत है, हांलाकि सभी लोगों को सेवा का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।