
श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही पहली टेस्ट सीरीज़ के पहले मुकाबले में शनिवार को गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय बल्लेबाज़ देवदत्त पडिक्कल ने शानदार पारी खेलते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ दिया। कर्नाटक के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने 134 गेंदों पर अपने सौ रन पूरे किए और टीम इंडिया को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया।
कैसा रहा दिन?
बारिश से बाधित इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी चुनी। लंच के बाद बारिश के चलते खेल में करीब 80 मिनट की देरी हुई, लेकिन इसके बावजूद पडिक्कल और उपकप्तान केएल राहुल ने बेहतरीन साझेदारी करते हुए टीम को संभाला। दोनों बल्लेबाज़ों ने दूसरे विकेट के लिए नाबाद 150 रन जोड़े। चाय के समय तक भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 197 रन था, जिसमें राहुल 77 और पडिक्कल 84 रन बनाकर नाबाद थे।
इसके तुरंत बाद पडिक्कल ने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए शतक पूरा किया और टीम को 219/1 के स्कोर तक पहुंचाया।
नंबर तीन पर लंबे इंतज़ार का अंत
पडिक्कल के इस शतक ने भारत के लिए एक खास आंकड़ा भी दर्ज किया है — यह पिछले 19 टेस्ट मैचों में नंबर तीन पर किसी भारतीय बल्लेबाज़ का पहला शतक है। इस दौरान टीम प्रबंधन ने इस स्थान पर 11 अलग-अलग बल्लेबाज़ों को आज़माया था, लेकिन कोई भी शतक तक नहीं पहुंच सका था। इससे पहले सितंबर 2024 में शुभमन गिल ही आखिरी भारतीय बल्लेबाज़ थे जिन्होंने नंबर तीन से टेस्ट शतक बनाया था।
गांगुली के क्लब में एंट्री
इस पारी के साथ पडिक्कल भारत के उन चुनिंदा बल्लेबाज़ों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने विदेशी सरज़मीं पर अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा है — एक ऐसी फेहरिस्त जिसमें पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का नाम भी दर्ज है। गांगुली ने साल 1996 में लॉर्ड्स के मैदान पर अपने टेस्ट डेब्यू पर ही शतकीय पारी खेली थी।
गौरतलब है कि यह पडिक्कल की नवंबर 2024 के बाद टेस्ट फॉर्मेट में पहली वापसी थी। इससे पहले श्रीलंका दौरे पर अभ्यास मैच में उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ नाबाद 142 रन बनाकर अपनी जगह पक्की की थी, जब नंबर तीन के पहले पसंदीदा बल्लेबाज़ साई सुदर्शन चोट के चलते सीरीज़ से बाहर हो गए थे।