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श्री सीताराम विवाह की कथा प्रेम मूर्ति प्रेमभूषण जी महाराज

बरहज, देवरिया। बरहज तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम महेन में चल रहे नव दिवसीय श्री राम कथा के छठवें दिन प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि महाराज जनक की सभा में प्रभु श्री राम ने धनुष भंग कर महाराज जनक के प्राण को पूरा किया उसके बाद गुरु विश्वामित्र से महाराज झलक में पूछा अब क्या करना चाहिए जिस पर विश्वामित्र ने कहा कि कुल रीति के अनुसार महाराज दशरथ को संदेश देकर बारात बुलाकर वेद विधि सम्मत विवाह की प्रक्रिया पुरी की जानी चाहिए ठीक उसी प्रकार राजा जनक ने किया और अयोध्या में चक्रवर्ती महाराज दशरथ को संदेश प्राप्त हुआ महाराज दशरथ बारात लेकर आए, और एक ही मंडप में चारों भाइयों का राम, लक्ष्मण, भरत ,शत्रुघ्न, का विवाह संपन्न हुआ सीताराम विवाह देखने के लिए भगवान शिव ब्रह्मा देवता गण सारे लोग उपस्थित हुए। चारों तरफ महाराज जनक के राज में महाराज दशरथ प्रभु श्री राम की जय जयकार होने लगी। कथा के दौरान बाबू बिजेश्वरी सिंह, अखंड प्रताप सिंह ,रामकुमार पांडे, डॉक्टर धनंजय सिंह, बिन्नू तिवारी, तारकेश्वर पाठक शिवकुमार मल्ल ,आशुतोष मल्ल, आयोजक चंदन गिरी, क्षेत्र की श्रद्धालु जनता, थाना मदनपुर थाना अध्यक्ष नवीन चौधरी उप निरीक्षक रंजीत कुमार सिंह, अवधेश चौधरी, चंद्रशेखर सिंह, हेड कांस्टेबल रविंद्र यादव, महिला कांस्टेबल गायत्री मिश्रा,रागिनी मौर्य, कविता, एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

TFOI Web Team

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